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आम लोगों के लिए खोले थे सुषमा ने विदेश मंत्रालय के दरवाजे: शांता
Thu, 08 Aug 2019 10:32 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 08 Aug 2019 10:32 PM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि कश्मीर की आजादी के बिना भारत की आजादी पर हमेशा प्रश्न चिन्ह लगता था। इस विषय पर बड़े-बड़े नेता इकट्ठे होकर चर्चा करते थे, लेकिन अंत में यही निष्कर्ष निकलता था कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना अब बहुत मुश्किल है।
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हर कोई इसके परिणामों को लेकर भयभीत रहता था। फिर भी केंद्र की मोदी सरकार ने बुद्धिमता के साथ अनुच्छेद 370 को हटाया है। सरकार के इस कदम का न पाकिस्तान को पता चला और न ही विपक्ष को। गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय सुषम स्वराज के लिए श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया।
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शांता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने की अभी देश खुशी मना ही रहा था कि देश को राजनीतिक क्षति सुषमा स्वराज के रूप में हुई। सुषमा ने भी अपने अंतिम क्षणों में अनुच्छेद 370 को हटाने पर प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया।
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यह उनकी राष्ट्रभक्ति को दर्शाता है। उन्होंने विदेश मंत्रालय के दरवाजों को आम लोगों के लिए खोला। इससे विदेशों में फंसे कई लोगों को सरकारी सहायता से स्वदेश वापस लाया गया। भाजपा के लिए उन्होंने जिस प्रकार से कार्य किया, उसमें उनका जीवन एक आदर्श जीवन रहा है, आदर्श कार्यकर्ता और आदर्श विदेश मंत्री के रूप में उन्होंने काम किया है।
इस मौके पर भाजपा जिला सदस्यता प्रभारी राकेश शर्मा, जिला अध्यक्ष विनय शर्मा, संजीव सोनी, कर्ण जंबाल, कैप्टन देशराज, चंद्रवीर शर्मा, सुरिंद्र ठाकुर, कैप्टन श्यामलाल, हरी दत्त शर्मा और रविंदर शर्मा मौजूद रहे।