चुनावी माहौल बनाने के लिए अब फेसबुक- व्हाट्सऐप पर सर्वे का पैंतरा
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विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले सोशल मीडिया प्रचार-प्रसार का जरिया बन गया है। सोशल मीडिया पर सर्वेक्षणों की जंग छिड़ गई है। चुनावी माहौल अपने पक्ष में बनाने के लिए फेसबुक और व्हाट्सऐप पर फेक चुनावी सर्वे अपलोड किए जा रहे हैं।
सॉफ्टवेयर के जरिये अपलोड हो रहे इन सर्वे में कहीं भाजपा तो कहीं कांग्रेस की सरकार बनती दर्शाई जा रही है। कहीं जेपी नड्डा को मजबूत मुख्यमंत्री बताया जा रहा है तो कहीं वीरभद्र सिंह को। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, जीएस बाली भी फेसबुक के फेक सर्वे में मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल हैं।
इन पर हजारों कमेंट भी आ रहे हैं। कुछ समय पहले ही एक रिपोर्ट फेसबुक पर अपलोड़ हुई। इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा 40.77 फीसदी बढ़त के साथ मुख्यमंत्री पद के लिए पहले पायदान पर दिखाए गए। इसके बाद ऐसी ही एक और सर्वे रिपोर्ट अपलोड़ हुई।
इसमें पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को 41.73 फीसदी बढ़त के साथ सीएम बताया गया। एक अन्य सर्वे में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को 55.56 फीसदी बढ़त के साथ सातवीं बार मुख्यमंत्री बनने वाला सबसे मजबूत नेता बताया गया।
यहां तक कि इन सर्वों में कहीं पर कांग्रेस रिपीट हो रही है तो कहीं भाजपा सरकार बना रही है। बहरहाल, फेसबुक के यह सर्वे चुनावों में क्या असर डालेंगे यह चुनाव नतीजे तय करेंगे।
क्या है सॉफ्टवेयर
फेसबुक पर एक विशेष साफ्टवेयर के जरिये यह सर्वे तैयार किए जा रहे हैं। एक लिंक अपलोड़ कर उसमें फेसबुक फॉलोअर को वोट करना होता है। विश्वसनीयता जानने के लिए सिरमौर के एक नेता को बढ़त दर्शाने वाले सॉफ्टवेयर पर वोट किया गया।
वोट 84 से 85 हो गए, जबकि अगले दिन उसी लिंक पर फिर उसी नेता को कुल 154 हो चुके थे। फिर लिंक खोलकर वोट किया गया तो मत 155 हो गए। यानि इस लिंक पर एक से अधिक बार वोट किया जा सकता है। ऐसे में इसकी विश्वसनीयता पर संतोष नहीं किया जा सकता।
विधानसभा के भी बनाए आंकड़े
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि विभिन्न विधानसभाओं के भी ऐसे कई सर्वे अपलोड़ हुए हैं। शिलाई, नाहन, रेणुका के ऐसे कई आंकड़े फेसबुक पर देखे जा सकते हैं। जिनमें कहीं पर भाजपा तो कहीं कांग्रेस बढ़त हासिल कर रही है। प्रदेश के कुल्लू, कांगड़ा, बिलासपुर, शिमला, ऊना समेत अन्य जिलों की कई विधानसभाओं के आंकड़े फेसबुक पर अपलोड़ हुए हैं।
क्या कहते हैं चुनाव अधिकारी
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सिरमौर बीसी बडालिया ने कहा कि फिलहाल उन्हें इस तरह के सर्वे अपलोड़ होने की जानकारी नहीं है। जानकारी हासिल करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।