सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेशों पर लगाई रोक, नोटिस जारी
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सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड सिंह ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 29 जुलाई 2016 के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें हिमाचल हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को गोहत्या, गायों के आयात-निर्यात और गोमांस बेचने पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बनाने के आदेश दिए थे।
हिमाचल हाईकोर्ट ने इस तरह का कानून राष्ट्रीय स्तर पर बनाने के आदेश दिए थे। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में गोसदन बनाने के निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार को स्पेशल लीव पिटीशन दायर करने को भी मंजूरी दी। सर्वोच्च न्यायालय ने प्रतिवादी भारतीय गोवंश संरक्षण संवर्द्धन परिषद हिमाचल प्रदेश को नोटिस जारी किया है।
हिमाचल हाईकोर्ट का ये था फैसला
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने आदेश जारी किए थे कि गोसदनों और गोशालाओं को बनाने में राज्य सरकार के पास फंड की कमी नहीं होनी चाहिए। उच्च न्यायालय ने कहा था कि यह राज्य का संवैधानिक कर्तव्य है कि पशुधन की सुरक्षा की जाए।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि ये सुनिश्चित किया जाए कि 36 शहरी क्षेत्रों में छह महीनों के भीतर गोसदन बनाए जाए। खंडपीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए थे कि इसके लिए राज्य को पर्याप्त फंड दिया जाए। हिमाचल हाईकोर्ट ने कहा था कि गोसदनों को बनाना आवश्यक है। इससे जहां पशु फसलों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे, वहीं नेशनल हाइवे पर इससे ट्रैफिक भी सही तरीके से चलेगा।