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24 साल बाद सुप्रीम कोर्ट से मिला न्याय, बहाल हुए कर्मचारी
कपिल शर्मा, अमर उजाला, ज्वालामुखी (कांगड़ा)
Updated Fri, 23 Mar 2018 01:49 PM IST
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विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में पूर्व में सेवाएं दे चुके दो दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों को 24 साल बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर फिर से नौकरी करने का मौका मिल रहा है। इन कर्मचारियों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा भी दिया गया है।
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श्री ज्वालामुखी मंदिर न्यास सहायक मंदिर आयुक्त राकेश शर्मा ने बताया कि पूर्व कर्मचारियों को एक-एक लाख रुपये के चेक वितरित कर दिए गए हैं। पुन: रोजगार देने की कवायद शुरू हो गई है। मंदिर न्यास में 28 पूर्व कर्मचारी थे।
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इनमें से 24 को एक-एक लाख रुपये अदा कर दिए हैं जबकि दो कर्मचारियों की मौत के बाद मुआवजा परिजनों को दिया जाएगा। दो कर्मचारियों ने मुआवजा राशि लेने से लिखित तौर पर इनकार किया है। ये कर्मी सरकारी सेवाएं दे रहे हैं।
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उल्लेखनीय है कि इन कर्मचारियों को वर्ष 1994 में नौकरी से हटाया गया था। न्यास के अलग-अलग निर्माण कार्यों के लिए इन्हें दैनिक वेतन भोगी के तौर पर रखा गया था और काम पूरा होने के बाद हटा दिया था।
ये कर्मचारी लंबे समय से हक के लिए लड़ाई लड़ते रहे। अब सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों के हक में फैसला सुनाया है।