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Himachal Pradesh: पुलिस कांस्टेबल भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

Wed, 02 Aug 2023 10:28 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 02 Aug 2023 10:28 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस विभाग की याचिका पर प्रतिवादी जीवन कुमार को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने याचिका दायर करने में हुई देरी को माफ कर दिया है। 

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Supreme Court issued notice in himachal police constable recruitment case
हिमाचल पुलिस कांस्टेबल भर्ती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुलिस भर्ती मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उत्तर पुस्तिका को जांचने के आदेशों को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस विभाग की याचिका पर प्रतिवादी जीवन कुमार को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने याचिका दायर करने में हुई देरी को माफ कर दिया है। 13 सितंबर 2022 को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने उत्तर पुस्तिका को जांचने और एक हफ्ते में परिणाम घोषित कर नियुक्ति देने के आदेश दिए थे। 10 फरवरी 2021 को पुलिस विभाग ने कांस्टेबल के 1334 पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस चयन प्रक्रिया में प्रतिवादी ने भाग लिया था। हालांकि पेपर लीक होने के कारण चयन प्रक्रिया रद्द कर दी गई। इसके बाद प्रतिवादी ने गृह रक्षक श्रेणी से दोबारा से चयन प्रक्रिया में भाग लिया। अदालत को बताया गया था कि गृह रक्षक की श्रेणी से तीन उम्मीदवारों में से प्रतिवादी ने ही ग्राउंड टेस्ट पास किया था।

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प्रतिवादी की उम्मीदवारी इसलिए खारिज की गई थी कि उसने ओएमआर शीट में रोलनंबर ठीक नहीं लिखा है। हाईकोर्ट ने पाया था कि प्रतिवादी ने दो जगह शब्दों में सही रोलनंबर लिखा है। हालांकि, अदालत ने पाया था कि प्रतिवादी ने गलती से एक जगह मिटाकर रोल नंबर लिखा है। हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा था कि यदि प्रतिवादी की उम्मीदवारी रद्द की जाती है तो गृह रक्षक की श्रेणी से किसी को भी नियुक्ति नहीं दी जाएगी। इस निर्णय को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दी है। अदालत ने इस मामले मेें प्रतिवादी को नोटिस जारी करते हुए इसी तरह के एक और लंबित मामले के साथ सुनवाई के आदेश दिए हैं। बता दें कि एक अन्य मामले में प्रदेश हाईकोर्ट ने इशांत भाटिया की उत्तर पुस्तिका जांचने के आदेश दिए थे। इशांत भाटिया ने भी उत्तर पुस्तिका में अपनी सीरीज का बिंदु नहीं लगाया था।

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हाईकोर्ट ने दिए कसौली छावनी से अवैध कब्जे हटाने के आदेश

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कसौली छावनी से अवैध कब्जे हटाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने अपने आदेशों में कहा कि छावनी क्षेत्र में अतिक्रमण कर बनाई गईं अस्थायी दुकानों को 28 अगस्त तक हटाया जाए। अदालत ने अतिक्रमण रहित भूमि सेना को सौंपने के आदेश दिए हैं और अनुपालना रिपोर्ट तलब की है। मामले की सुनवाई 5 सितंबर को निर्धारित की गई है। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किए। कसौली निवासी भावना ने जनहित में याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पाइन मॉल में 21 दुकानों का अवैध निर्माण किया गया है। यह क्षेत्र भारतीय सेना के अधीन आता है। इस जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण करने के लिए कोई नियम नहीं है। भारतीय सेना के हित में इस अतिक्रमण को हटाया जाना अति आवश्यक है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि सेना की इस जमीन को खाली करवाया जाए। पाइन मॉल में बनी इन 21 दुकानों को तुरंत गिराने के आदेश पारित करने की गुहार भी लगाई गई थी।
 

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