Himachal Govt: सुखविंद्र सुक्खू बोले- एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये का शिक्षा ऋण देगी सरकार
उच्च या व्यावसायिक शिक्षा के लिए सरकार की ओर से 20 लाख रुपये तक ऋण दिया जाएगा। जिस परिवार की वार्षिक आय चार लाख रुपये से कम है, उस परिवार का विद्यार्थी इस योजना में ऋण प्राप्त करने के लिए पात्र होगा।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने पात्र हिमाचली विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज की दर पर ऋण प्रदान करने के लिए वित्त वर्ष 2023-24 से डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना लागू की है। उच्च या व्यावसायिक शिक्षा के लिए सरकार की ओर से 20 लाख रुपये तक ऋण दिया जाएगा। जिस परिवार की वार्षिक आय चार लाख रुपये से कम है, उस परिवार का विद्यार्थी इस योजना में ऋण प्राप्त करने के लिए पात्र होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में जहां बैंक को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने में समय लग रहा है, वहां संबंधित संस्थान को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने के लिए सभी जिलों के उपायुक्त कार्यालय के स्तर पर एक कोष बनाया जाएगा।
राज्य सरकार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग से पात्र छात्रों की ओर से लिए गए शिक्षा ऋण के बदले ब्याज सब्सिडी का दावा करने के लिए नोडल बैंक नामित करेगी। नोडल बैंक उच्च शिक्षा विभाग के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित करेगा। ऋण लेने वाले विद्यार्थियों को अपनी पसंद के संस्थान में प्रवेश पाने से पहले पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना होगा। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके पश्चात विद्यार्थी को प्रवेश में चयनित होने का प्रमाणन करने से संबंधित दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। विद्यार्थी के पात्र पाए जाने पर उच्च शिक्षा निदेशक ऋण की पहली किस्त जारी करने के लिए संबंधित बैंक को मामले की सिफारिश करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में पात्र विद्यार्थी किसी भी अनुसूचित बैंक से शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकतम 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण ले सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली कक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र व्यावसायिक, तकनीकी शिक्षा जैसे इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, पैरा मेडिकल फार्मेसी, नर्सिंग, विधि इत्यादि में डिप्लोमा और डिग्री कोर्स, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, बहुतकनीकी संस्थानों से तकनीकी कोर्स और मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों से पीएचडी करने के लिए एक प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण लेने के लिए पात्र होंगे।
विद्यार्थियों के पंजीकरण और प्रवेश तिथि को आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है। योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और छात्रों की प्रगति की निगरानी के लिए नियमित अवधि में योजना के परिणामों का मूल्यांकन करने के लिए एक तंत्र विकसित किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग शिकायत निवारण अधिकारी नामित करेगा, जिसके पास छात्र ईमेल, डाक या किसी डिजिटल माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे।