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सब्सिडी बंद हुई फिर भी सस्ती चीनी देंगे खाद्य मंत्री जीएस बाली
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 25 Mar 2017 08:30 AM IST
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खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री जीएस बाली ने कहा कि प्रदेश में लोगों का उचित मूल्य की दुकानों पर सस्ती दरों पर चीनी उपलब्ध करवाने की योजना जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र की ओर से चीनी कोटे पर सब्सिड बंद करने के बावजूद राज्य बजट से प्रावधान कर उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर चीनी उपलब्ध करवाएगी। इससे प्रदेश के खजाने पर 15 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। लेकिन, लोगों की सुविधा के लिए कुछ शर्तें लगाकर डिपुओं में चीनी उपलब्ध करवाने की योजना जारी रखी जाएगी।
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इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से बात की है तथा आगामी तीन महीनों के लिए टेंडर आमंत्रित कर लिए गए हैं। धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान बाली ने कहा कि वह शीघ्र ही केंद्रीय वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री से मिल कर केंद्र से चीनी के कोटे पर उपदान दोबारा बहाल करने का मामला उठाएंगे। उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार से यह भी अनुरोध करेंगे कि विशेष श्रेणी राज्य होने के चलते यह सुविधा हिमाचल से न छीनी जाए। बाली ने कहा कि प्रदेश में डिजिटल राशन कार्ड उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया चल रही है।
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विभाग को 16.50 लाख उपभोक्ताओं में से 7 लाख के डिजिटल राशन कार्ड प्राप्त हो गए हैं जिन्हें शीघ्र ही उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवा दिया जाएगा। इसके अलावा कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए शीघ्र ही 2 हजार प्वाइंट ऑफ सेल मशीनें उपलब्ध करवाई जाएंगी। प्रारंभ में इन्हें सिरमौर, कांगड़ा, किन्नौर और शिमला जिलों में उपलब्ध करवाया जाएगा। अन्य जिलों में भी इन्हें शीघ्र प्रदान किया जाएगा।बाली ने कहा कि धर्मशाला और ऊना बस अड्डों को बीओटी के तहत प्राथमिकता में बनाने पर बल दिया जा रहा है।
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इसके लिए निविदाएं आमंत्रित करते हुए निर्माण कार्य को सात महीने के भीतर पूरा करने की शर्त रखी गई है। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिलासपुर में प्रस्तावित हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए प्रदेश सरकार ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। उन्होंने कॉलेज के शीघ्र शिलान्यास के लिए केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से शेष औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि शिमला के ज्यूरी इंजीनियरिंग कॉलेज के भवन निर्माण के लिए 15 करोड़ की राशि उपलब्ध करवाई गई है तथा इसका निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ होगा। दूसरी राजधानी धर्मशाला में निदेशालयों के दफ्तर शिफ़्ट करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में सीएम और अपनी कैबिनेट के सहयोगियों से बात करेंगे। इससे शिमला ज्यादा बोझिल नहीं होगा।