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कोरोना के साथ बढ़ने लगे स्क्रब टायफस के मामले
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sucrub tyfes in shimla
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आईजीएमसी में एक और पॉजिटिव केस, एक हफ्ते में आ चुके हैं नए मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कोरोना महामारी के बीच स्क्रब टायफस के मामले बढ़ने लगे हैं। एक सप्ताह के भीतर आईजीएमसी में स्क्रब टायफस के पांच मामले आ चुके हैं। सोमवार को भी एक मरीज की स्क्रब टायफस की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस के मामले बढ़ते हैं। अधिकांश मरीज ओपीडी में बुखार की शिकायतें लेकर आ रहे हैं। शुरुआती दौर में मरीज के तुरंत उपचार में यह बीमारी ठीक हो जाती है। देरी करने से पर यह घातक भी साबित हो सकती है। आईजीएमसी के मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि बुखार के लक्षण आते ही मरीज उपचार के लिए अस्पताल आए ताकि समय रहते उपचार शुरू किया जा सके।
इनसेट
स्क्रब टायफस के यह हैं लक्षण
100 से 102 डिग्री तक बुखार आना
जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार आना
शरीर में अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना
अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना
ऐसे करें बचाव
शरीर की सफाई का ध्यान रखें
घर के चारों ओर खरपतवार घास नहीं उगने दें
घर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें
घर और आसपास के वातावरण को साफ रखें
ऐसे होता है स्क्रब टायफस
यह रोग एक जीवाणु रिकेटशिया से संक्रमित पिस्सू (माइट) के काटने से फैलता है। यह खेतों, झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस बुखार पैदा करता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कोरोना महामारी के बीच स्क्रब टायफस के मामले बढ़ने लगे हैं। एक सप्ताह के भीतर आईजीएमसी में स्क्रब टायफस के पांच मामले आ चुके हैं। सोमवार को भी एक मरीज की स्क्रब टायफस की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस के मामले बढ़ते हैं। अधिकांश मरीज ओपीडी में बुखार की शिकायतें लेकर आ रहे हैं। शुरुआती दौर में मरीज के तुरंत उपचार में यह बीमारी ठीक हो जाती है। देरी करने से पर यह घातक भी साबित हो सकती है। आईजीएमसी के मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि बुखार के लक्षण आते ही मरीज उपचार के लिए अस्पताल आए ताकि समय रहते उपचार शुरू किया जा सके।
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स्क्रब टायफस के यह हैं लक्षण
100 से 102 डिग्री तक बुखार आना
जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार आना
शरीर में अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना
अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना
ऐसे करें बचाव
शरीर की सफाई का ध्यान रखें
घर के चारों ओर खरपतवार घास नहीं उगने दें
घर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें
घर और आसपास के वातावरण को साफ रखें
ऐसे होता है स्क्रब टायफस
यह रोग एक जीवाणु रिकेटशिया से संक्रमित पिस्सू (माइट) के काटने से फैलता है। यह खेतों, झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस बुखार पैदा करता है।
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