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नया बगीचा लगाने पर मिलेगी 50 फीसदी सब्सिडी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 21 Nov 2015 12:26 PM IST
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पुराने फलदार पेड़ों को हटाकर नए पौधे लगाने के लिए प्रदेश बागवानी उद्यान विभाग बागवानों को आधा खर्च देगा। विभाग बागवानों को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 50 प्रतिशत तक का अनुदान देगा। मिशन एकीकृत बागवानी विकास के तहत विभाग पुराने पौधों को जड़ से उखाड़ने और उस जगह पर नए पौधे लगाने के लिए अनुदान दे रहा है।
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बागवानी विभाग आम, सेब, अनार, अमरूद, लीची और नींबू इत्यादि सामान्य दूरी पर लगाए जाने वाली हर तरह की सामान्य फसल के लिए अनुदान दे रहा है। बागवान बगीचे में बदलाव कर अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकते हैं। पुराने पौधे कुछ साल बाद उत्पादन कम कर देते हैं। ऐसे में बागवान मेहनत तो पूरी करते हैं लेकिन उन्हें फसल कम मिलती है।
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इस कारण बागवानों का खर्चा भी फसल से पूरा नहीं हो पाता। लिहाजा बागवानों के लिए यह योजना लाभदायक साबित हो सकती है। बागवान अपने बगीचे से पुराने, सड़े तथा खराब हो चुके पौधों को बदलकर सिर्फ नए पौधे ही नहीं बल्कि बढ़िया प्रजाति के पौधे भी लगा सकते हैं।
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इससे उत्पादन क्षमता बढ़ने से बागवान अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। विभाग की यह कवायद लोगों को बागवानी की तरफ आकर्षित करना भी है। प्रदेश के बागवान पुराने पौधों को उखाड़कर नए पौधे लगा सकते हैं। पौधों ने फल देना कम कर दिया है या जिन पौधों की कुछ शाखाएं सूख गई हैं और कोई पौधा किसी रोग से ग्रस्त हो गया हो बागवान उन पौधों की जगह अच्छी किस्म के पौधे लगा सकते हैं। इससे बागवानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
जिला उद्यान विभाग के उपनिदेशक एके मिश्रा ने बताया कि बागवान हर तरह के बगीचे के जीर्णोद्धार के लिए जल्द से जल्द अपने नजदीक के बागवानी विभाग में अनुदान के लिए आवेदन कर सकते हैं। विभाग बागवानों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहा है। इसमें भी बागवानों की पूरी मदद की जाएगी।