Himachal: यूजी पाठ्यक्रम के लिए निदेशालय, कॉलेजों से भी शामिल होंगे विषय विशेषज्ञ
कॉलेज शिक्षकों की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया में हर विभाग की बोर्ड ऑफ स्टडीज में सदस्य तीन कॉलेज शिक्षकों और विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर के अलावा शिक्षा निदेशालय से तीन एक्सपर्ट भी शामिल किए गए हैं।
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कॉलेजों में एनईपी (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) के तहत चार वर्षीय, तीन वर्षीय डिग्री कोर्स का पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए विवि के सभी विभागों ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। कॉलेज शिक्षकों की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया में हर विभाग की बोर्ड ऑफ स्टडीज में सदस्य तीन कॉलेज शिक्षकों और विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर के अलावा शिक्षा निदेशालय से तीन एक्सपर्ट भी शामिल किए गए हैं। एनईपी के अनुरूप पाठ्यक्रम बनाने के लिए कोर कमेटी ने हर विभागाध्यक्ष को अपने स्तर पर दो बाहरी विषय विशेषज्ञों को शामिल करने के लिए अधिकृत किया है।
इससे स्नातक डिग्री कोर्स के पाठ्यक्रम को तैयार करने में कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की भी सहभागिता सुनिश्चित होगी। इससे पाठ्यक्रम तैयार करते हुए ख्याल रखा जा सकेगा कि कॉलेजों में कितनी मूल और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अनुसार ही पाठ्यक्रम का प्रारूप तैयार किया जा सकेगा। बोर्ड ऑफ स्टडीज को 30 अप्रैल तक हर हाल में पाठ्यक्रम तैयार करने, इसे मंजूर करवाने के साथ विवि की एकेडमिक काउंसिल की स्टेंडिंग कमेटी से मंजूर करवाने को डीएस कार्यालय स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम और नीति लागू करने का काम देख रही कोर कमेटी के समन्वयक प्रो. कुलभूषण चंदेल ने कहा कि सभी विभागों में पाठ्यक्रम तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। इससे तय समय अवधि के भीतर इसे पूरा कर लिया जाएगा।
चार वर्षीय डिग्री कोर्स में 160, तीन वर्षीय के लिए 120 क्रेडिट लेना जरूरी
एनईपी-2020 के तहत यूजी की चार वर्षीय और तीन वर्षीय डिग्री लेने के लिए छात्र को तय फार्मेट के अनुसार क्रेडिट लेने होंगे। इसके लिए न्यूनतम क्रेडिट तय किए गए हैं। चार वर्षीय डिग्री के लिए न्यूनतम 160 क्रेडिट जबकि तीन वर्षीय डिग्री के लिए न्यूनतम 120 क्रेडिट प्राप्त करने अनिवार्य होंगे। तीन वर्षीय डिग्री में मेजर कोर्स के 60, माइनर स्ट्रीम के 24, मल्टी डिस्पिलेनरी के 9 क्रेडिट, क्षमता विकास एबिलिटी एन्हांसमेंट के 8 क्रेडिट, कौशल विकास कोर्स के9, वेल्यू एडिड कोर्स में 6 से 8 क्रेडिट, जबकि समर इंटर्नशिप के दो से चार क्रेडिट लेने होंगे।
चार वर्षीय डिग्री के लिए न्यूनतम 160 क्रेडिट में से मेजर कोर कोर्स के 80 क्रेडिट, माइन स्ट्रीम के 32 क्रेडिट, मल्टी डिस्पिलेनरी के 9 क्रेडिट, एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स के 8 क्रेडिट, स्किल एन्हांसमेंट के 9 क्रेडिट, वेल्यू एडिड कोर्स के छह से आठ क्रेडिट, समर इंटर्नशिप के 2 से चार क्रेडिट, जबकि अंतिम चौथे वर्ष में छात्र को ऑनर्स डिग्री लेने के लिए तीन परीक्षाओं में जबकि रिसर्च करने वाले को रिसर्च प्रोजेक्ट और डेजेरटेशन में 12 क्रेडिट लेने ही पड़ेंगे।
एचपीयू : स्नातक अंतिम वर्ष की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 से
। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्नातक की परीक्षाओं का 18 अप्रैल से प्रदेश भर में स्थापित 24 परीक्षा केंद्रों में मूल्यांकन शुरू होगा। विवि बीए, बीएससी, बी कॉम डिग्री कोर्स के अंतिम वर्ष के करीब तीस हजार से अधिक विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्राथमिकता के आधार पर करेगा। इससे इन छात्रों का परीक्षा परिणाम समय से घोषित किया जा सकेगा। इसके बाद यूजी द्वितीय वर्ष की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाना है। यूजी अंतिम वर्ष की 15 मई तक होने वाली अंतिम परीक्षा के बाद मूल्यांकन कार्य रफ्तार पकड़ेगा। चूंकि विवि इसे कॉलेजों में पांच जून से प्रस्तावित गीष्मकालीन अवकाश शुरू होने से पहले कम से कम अंतिम वर्ष का मूल्यांकन कार्य पूरा करवाएगा।
कॉलेजों में 5 से 29 जून तक छुट्टियां प्रस्तावित हैं। इस पर शिक्षा विभाग को अभी अंतिम निर्णय लेना है। विवि ने पांच जून तक मूल्यांकन पूरा करने का लक्ष्य रखा है। विवि के प्रदेश भर में स्थापित 153 केंद्रों में हुई यूजी की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को विवि मंगवा चुका है। इसे इवेल्यूएशन शाखा अब मूल्यांकन केंद्रों में भेजने की व्यवस्था करेगा। इसके बाद ही 18 अप्रैल से मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।जल्द सभी मूल्यांकन केंद्रों में अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसे पांच जून से पहले पूरा किये जाने की समय सीमा तय की गई है।-प्रो. श्याम लाल कौशल, परीक्षा नियंत्रक, एचपीयू