हिमाचल के साढे़ सात लाख विद्यार्थियों को इस दिन मिलेंगी किताबें
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स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के साढ़े सात लाख विद्यार्थियों को नए शिक्षा सत्र में पाठ्य पुस्तकों के लिए अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस बार स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 148 टाइटल की पुस्तकें प्रकाशित की हैं जबकि पिछले साल यह संख्या 130 तक थी।
इस साल एनसीईआरटी के नए टाइटलों की पुस्तकों को शामिल कि या गया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने शीतकालीन स्कूलों का नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही पांचवीं कक्षा तक के सभी छात्रों को स्कूल पहुंचते ही पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी।
नए शिक्षा सत्र से प्राइमरी स्कूल के छात्रों को एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पढ़ना पढ़ेगा। अभी तक स्कूली बच्चे एससीईआरटी के पाठ्यक्रम पर आधारित पाठ्य पुस्तकें पढ़ रहे थे। शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही छात्रों को पहले दिन ही पाठ्य पुस्तकें दे दी जाएंगी।
पाठ्य पुस्तकें में लगा है बेहतर क्वालिटी का कागज
छात्रों को पूर्व की भांति पाठ्य पुस्तकों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। बोर्ड ने बढ़िया कागज खरीद कर दिया है और प्राइवेट प्रेस से अपेक्षाकृत कम दामों पर पाठ्य पुस्तकें छपाई हैं।
राज्य शिक्षा बोर्ड ने पाठ्य पुस्तकें तैयार करने के लिए बढ़िया कागज इस्तेमाल कर रहा है। बोर्ड ने पाठ्य पुस्तकों के लिए बढ़िया कागज अपने स्तर पर खरीद कर दिया है। इसके बाद प्राइवेट प्रिंटिंग प्रेस से पाठ्य पुस्तकें प्रकाशित कराई हैं।
पहले पाठ्य पुस्तकों में घटिया पेज इस्तेमाल होता था और छपाई सही नहीं होती थी। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पाठ्य पुस्तकों का बढ़िया कागज इस्तेमाल करने के साथ ही पाठ्य पुस्तकों की छपाई की खर्चा भी घटाया है। पहले पुस्तकों की छपाई का खर्चा 88 रुपये मीट्रिक टन था अब इसे घटाकर 76 मीट्रिक टन कराया है।