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हजारों छात्रों का एक साल बर्बाद

Thu, 07 Aug 2014 12:39 PM IST
Updated Thu, 07 Aug 2014 12:39 PM IST
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students are unable to get admissions in colleges

प्रदेश भर में करीब 15000 बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। दस जमा दो कक्षा के शैक्षणिक सत्र 2013-14 में जिन बच्चों को कंपार्टमेंट आई थी, उन्हें अब कहीं भी दाखिला नहीं मिल रहा है।

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प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की ओर से ली गई दस जमा दो की अनुपूरक परीक्षा में 20 हजार से अधिक बच्चे बैठे थे। इनमें 15 हजार के करीब बच्चे पास हुए। अब इन्हें कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में दाखिला नहीं मिल पा रहा है।
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इसके चलते ये छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इनका कहना है कि रूसा सिस्टम के तहत कॉलेजों में पहले ही कंपार्टमेंट वाले छात्रों को दाखिला प्रक्रिया में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं मिली।
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पैरेंटस बच्चों को लेकर परेशान

students are unable to get admissions in colleges

अब अनुपूरक परीक्षा का रिजल्ट आ गया है तो भी कहीं दाखिला नहीं मिल रहा है। ऊना के स्तोथर से दीक्षा शर्मा, किरना, धुसाड़ा की वीना, ज्योति, वंदना, त्यूड़ी की सुनीता, प्रियंका, सुरेंद्र, अंब से राकेश और अजीत आदि ने कहा कि शिक्षा बोर्ड ने अनुपूरक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है।

इसमें वे तथा अन्य हजारों बच्चे पास हो तो गए, लेकिन कहीं दाखिला लेना उनके लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। अभिभावक राजकुमार पम्मी, रमेश कुमार, शिव कुमार, मेहर चंद, राम कुमार और सूरज सिंह आदि ने कहा कि वे बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

'कॉलेज प्रशासन ही बता पाएगा स्थिति'

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उधर, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डा. हरीश गज्जू ने कहा कि बोर्ड ने 30 जुलाई को परीक्षा परिणाम घोषित किया है। अनुपूरक परीक्षा में करीब 20 हजार बच्चे बैठे थे। ऐसे बच्चे पहले ही प्रोविजनल एडमिशन के प्रावधान के अधीन आते हैं।

वहीं, शिक्षा उपनिदेशक निर्मल रानी कहती हैं कि मामला उनके ध्यान में नहीं है। कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया के नियमों पर कॉलेज प्रशासन सही स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। फिर भी यदि बच्चों को परेशानी आ रही है तो मामला उच्चाधिकारियों के ध्यान में लाया जाएगा।

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