Student Union Elections: हिमाचल में नहीं होंगे प्रत्यक्ष चुनाव, मेरिट आधार पर एससीए गठित करने की तैयारी
प्रदेश विश्वविद्यालय, सरदार पटेल विश्वविद्यालय और इनसे संबद्ध डिग्री कॉलेजों में प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव नहीं होंगे। चुनाव बहाल करने की मांग के बावजूद इस साल भी एससीए गठन मेरिट आधार पर ही होगा।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, सरदार पटेल विश्वविद्यालय और इनसे संबद्ध डिग्री कॉलेजों में प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव नहीं होंगे। चुनाव बहाल करने की मांग के बावजूद इस साल भी एससीए गठन मेरिट आधार पर ही होगा। सूबे के कॉलेज प्राचार्यों से ली राय को आधार मानकर इस बार प्रत्यक्ष चुनाव बहाली नहीं होगी। विवि प्राचार्यों की राय पर अप्रत्यक्ष तौर पर एससीए गठन के फॉर्मूले को बरकरार रखने जा रहा है। प्रत्यक्ष चुनाव इस बार भी बहाल न होने से छात्र नेताओं के प्रत्यक्ष चुनाव लड़ने की इच्छा इस बार भी पूरी नहीं होगी। विश्वविद्यालय जल्द ही मेरिट आधार पर एससीए गठन के लिए शेड्यूल जारी करने की तैयारी में है। कुछ दिन पहले एचपीयू के कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में कॉलेज प्राचार्यों से प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव बहाल करने को लेकर राय ली गई थी।
कॉलेज प्राचार्यों ने प्रत्यक्ष चुनाव कराने से कॉलेज परिसरों में हिंसा की घटनाएं बढ़ने, शैक्षणिक माहौल खराब होने की संभावनाएं जताते हुए मेरिट आधार पर ही चुनाव करवाने की बात कही थी। इसके मद्देनजर विवि एससीए गठन की प्रक्रिया में किसी तरह का बदलाव न कर मेरिट आधार पर चुनाव करवाने का निर्णय ले चुका है। औपचारिक घोषणा और मनोनयन का शेड्यूल जारी होना ही बाकी है। सोमवार से विवि में नियमित कक्षाओं का दौर शुरू होगा, वहीं कॉलेजों में पहले से कक्षाएं जारी हैं। संभावना जताई जा रही है कि इसी महीने मेरिट आधार पर एससीए के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। अब देखना यह है कि विवि कब तक इस प्रक्रिया को पूरी कर पाएगा।
2014 से प्रत्यक्ष चुनाव पर लगी है रोक
विवि में ईसी के निर्णय के अनुसार 2014 से लेकर प्रत्यक्ष चुनाव से एससीए गठन पर रोक लगी है। िहंसा की घटनाओं का हवाला देकर चुनाव बंद करवाए गए थे।10 सालों में हर सत्र में प्रत्यक्ष चुनाव बहाली की मांग को लेकर मांग उठती है, हगांमा होता है मगर छात्र संगठनों की मांग पूरी नहीं हो रही है। इसके स्थान पर 10 सालों से शैक्षणिक, खेल, सांस्कृतिक, एनएसएस, एनसीसी हर वर्ग में मेरिट आधार पर एससीए के पदाधिकारियों और सदस्यों का मनोनयन कर एससीए का गठन किया जाता है।
विवि नजरअंदाज नहीं कर सकता प्राचार्यों की रायः प्रो. वर्मा
केंद्रीय छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करवाने को लेकर कुछ दिन पहले कॉलेज प्राचार्यों से विवि ने राय ली थी। जमीनी स्तर पर प्राचार्य ही कॉलेजों की हर गतिविधि का संचालन करते हैं, इसलिए उनकी राय को विश्वविद्यालय नजरअंदाज नहीं कर सकता है। एससीए के गठन की प्रक्रिया पर जल्द स्थिति स्पष्ट कर संबद्ध कॉलेजों को इसकी सूचना और दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।-प्रो. राजिंद्र वर्मा, प्रति कुलपति हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय