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जेएनयू दिल्ली में हुई हिंसा के खिलाफ एचपीयू परिसर में एबीवीपी का प्रदर्शन
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शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विवि इकाई ने दिल्ली जेएनयू में हुई हिंसा के विरोध में शनिवार को विवि परिसर में प्रदर्शन किया। इसे वामपंथियों द्वारा प्रायोजित हिंसा करार दिया। कार्यकर्ताओं ने परिसर में विरोध स्वरूप पुतला फूंक कर विरोध जताया। शिक्षण संस्थानों में होने वाली इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने और हिंसा के लिए जिम्मेदार जेएनयू की एससीए अध्यक्ष आईशी घोष सहित अन्य सात लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष विशाल ने कहा कि इस घटना में सात वामपंथियों की संलिप्तता पाई गई है। इसमें एससीए अध्यक्ष भी संलिप्त थीं। उन्होंने कहा कि वामपंथी सोशल मीडिया और मीडिया में फैलाई जा रही सब भ्रांतियों का पर्दाफाश हो गया है। वामपंथियों का असली चेहरा देश और मीडिया के सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि वामपंथ हिंसा में विश्वास करता है। जेएनयू हिंसा वामपंथियों की बौखलाहट को दिखाता है और जो छात्र वहां पढ़ने के लिए गए थे अपना रजिस्ट्रेशन करवा रहे थे उनके साथ मारपीट की गई।
विद्यार्थी परिषद इसका कड़ा विरोध करती है। देश के शिक्षण संस्थानों में वामपंथियों के द्वारा अराजकता का माहौल तैयार किया जा रहा है। छात्रों से शिक्षा से वंचित करने का कार्य वामपंथी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जेएनयू के वामपंथियों में देश विरोधी गतिविधियों में भाग लेकर मीडिया में आने और एकदम से राष्ट्रीय नेता बनने की होड़ लगी है। अभाविप के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अंकित चंदेल ने कहा कि आज जेएनयू शिक्षा का मंदिर न होने की जगह कुछ राजनीतिक दलों और वामपंथियों के द्वारा राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया है। कहा कि ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष विशाल ने कहा कि इस घटना में सात वामपंथियों की संलिप्तता पाई गई है। इसमें एससीए अध्यक्ष भी संलिप्त थीं। उन्होंने कहा कि वामपंथी सोशल मीडिया और मीडिया में फैलाई जा रही सब भ्रांतियों का पर्दाफाश हो गया है। वामपंथियों का असली चेहरा देश और मीडिया के सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि वामपंथ हिंसा में विश्वास करता है। जेएनयू हिंसा वामपंथियों की बौखलाहट को दिखाता है और जो छात्र वहां पढ़ने के लिए गए थे अपना रजिस्ट्रेशन करवा रहे थे उनके साथ मारपीट की गई।
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विद्यार्थी परिषद इसका कड़ा विरोध करती है। देश के शिक्षण संस्थानों में वामपंथियों के द्वारा अराजकता का माहौल तैयार किया जा रहा है। छात्रों से शिक्षा से वंचित करने का कार्य वामपंथी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जेएनयू के वामपंथियों में देश विरोधी गतिविधियों में भाग लेकर मीडिया में आने और एकदम से राष्ट्रीय नेता बनने की होड़ लगी है। अभाविप के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अंकित चंदेल ने कहा कि आज जेएनयू शिक्षा का मंदिर न होने की जगह कुछ राजनीतिक दलों और वामपंथियों के द्वारा राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया है। कहा कि ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए।
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