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Shimla News: दस दिन में तय होंगे कॉलेजों में छात्र प्रतिनिधित्व के चेहरे
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एचपीयू से संबद्ध कॉलेजों में एक सितंबर से शुरू होगी एसीए के गठनकी प्रक्रिया
10 सितंबर से पहले पूरी करनी होगी गठन की प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला के कॉलेजों में छात्र प्रतिनिधित्व की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। विश्वविद्यालय ने कैंपस और कॉलेजों में छात्र केंद्रीय संघों (एसीए) के गठन के लिए 10 सितंबर की समय सीमा तय की है। अब कॉलेज परिसरों में अगले दस दिन के दौरान नामांकन और प्रतिनिधियों के चयन से जुड़ी गतिविधियां होंगी।
उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सिफारिश पर कुलपति ने इसके कार्यक्रम को मंजूरी दी थी। प्रक्रिया विश्वविद्यालय के वर्ष 2016 में अधिसूचित छात्र केंद्रीय संघ संविधान के अनुसार चलेगी। विश्वविद्यालय ने पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय सीमा तय की है। कॉलेज प्रशासन को निर्धारित नियमों के तहत गठन से जुड़े सभी चरण पूरे करने होंगे। इससे कॉलेज स्तर पर छात्र प्रतिनिधित्व को लेकर होने वाली प्रक्रिया अब तय अवधि में आगे बढ़ेगी। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कॉलेजों को छात्र केंद्रीय संघों की सूची भी तैयार करनी होगी। यह सूची विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजी जाएगी। इसके आधार पर आगे छात्र परिषद गठन की कार्रवाई होगी।
कॉलेजों में शुरू हुई प्रक्रिया का अगला बड़ा पड़ाव 10 सितंबर होगा। इस तारीख तक छात्र केंद्रीय संघों के गठन की कार्रवाई पूरी करनी होगी। इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर कॉलेजों से प्राप्त सूचियों के आधार पर अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। छात्र केंद्रीय संघों का गठन किसी नए प्रारूप से नहीं होगा। विश्वविद्यालय ने वर्ष 2016 में अधिसूचित छात्र केंद्रीय संघ संविधान को आधार बनाया है। संविधान में कैंपस और कॉलेज छात्र केंद्रीय संघों से जुड़े प्रावधान निर्धारित हैं। कॉलेज प्रशासन को नामांकन से लेकर गठन तक इन्हीं नियमों का पालन करना होगा। इससे सभी कॉलेजों में प्रक्रिया के लिए एक समान व्यवस्था लागू रहेगी। विवि की वेबसाइट पर छात्र केंद्रीय संघ का संविधान उपलब्ध है। प्रशासन ने कॉलेजों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ही प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
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सूची के बाद बनेगी छात्र परिषद
फिर गठित होगी छात्र परिषद
कॉलेज छात्र केंद्रीय संघों के गठन के बाद छात्र परिषद की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए कॉलेजों से गठित संघों के नाम विश्वविद्यालय को भेजे जाएंगे। प्रधानाचार्यों को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के दस दिन के भीतर यह सूची भेजनी होगी। छात्र परिषद का गठन विवि के प्रथम परिनियम की धारा 15-ए (1) के प्रावधानों के तहत होगा। यानी कॉलेजों में होने वाली मौजूदा प्रक्रिया का सीधा संबंध आगे बनने वाली छात्र परिषद से रहेगा। विश्वविद्यालय को भेजी जाने वाली सूची इस अगले चरण का आधार बनेगी।
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10 सितंबर से पहले पूरी करनी होगी गठन की प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला के कॉलेजों में छात्र प्रतिनिधित्व की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। विश्वविद्यालय ने कैंपस और कॉलेजों में छात्र केंद्रीय संघों (एसीए) के गठन के लिए 10 सितंबर की समय सीमा तय की है। अब कॉलेज परिसरों में अगले दस दिन के दौरान नामांकन और प्रतिनिधियों के चयन से जुड़ी गतिविधियां होंगी।
उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सिफारिश पर कुलपति ने इसके कार्यक्रम को मंजूरी दी थी। प्रक्रिया विश्वविद्यालय के वर्ष 2016 में अधिसूचित छात्र केंद्रीय संघ संविधान के अनुसार चलेगी। विश्वविद्यालय ने पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय सीमा तय की है। कॉलेज प्रशासन को निर्धारित नियमों के तहत गठन से जुड़े सभी चरण पूरे करने होंगे। इससे कॉलेज स्तर पर छात्र प्रतिनिधित्व को लेकर होने वाली प्रक्रिया अब तय अवधि में आगे बढ़ेगी। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कॉलेजों को छात्र केंद्रीय संघों की सूची भी तैयार करनी होगी। यह सूची विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजी जाएगी। इसके आधार पर आगे छात्र परिषद गठन की कार्रवाई होगी।
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कॉलेजों में शुरू हुई प्रक्रिया का अगला बड़ा पड़ाव 10 सितंबर होगा। इस तारीख तक छात्र केंद्रीय संघों के गठन की कार्रवाई पूरी करनी होगी। इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर कॉलेजों से प्राप्त सूचियों के आधार पर अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। छात्र केंद्रीय संघों का गठन किसी नए प्रारूप से नहीं होगा। विश्वविद्यालय ने वर्ष 2016 में अधिसूचित छात्र केंद्रीय संघ संविधान को आधार बनाया है। संविधान में कैंपस और कॉलेज छात्र केंद्रीय संघों से जुड़े प्रावधान निर्धारित हैं। कॉलेज प्रशासन को नामांकन से लेकर गठन तक इन्हीं नियमों का पालन करना होगा। इससे सभी कॉलेजों में प्रक्रिया के लिए एक समान व्यवस्था लागू रहेगी। विवि की वेबसाइट पर छात्र केंद्रीय संघ का संविधान उपलब्ध है। प्रशासन ने कॉलेजों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ही प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
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सूची के बाद बनेगी छात्र परिषद
फिर गठित होगी छात्र परिषद
कॉलेज छात्र केंद्रीय संघों के गठन के बाद छात्र परिषद की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए कॉलेजों से गठित संघों के नाम विश्वविद्यालय को भेजे जाएंगे। प्रधानाचार्यों को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के दस दिन के भीतर यह सूची भेजनी होगी। छात्र परिषद का गठन विवि के प्रथम परिनियम की धारा 15-ए (1) के प्रावधानों के तहत होगा। यानी कॉलेजों में होने वाली मौजूदा प्रक्रिया का सीधा संबंध आगे बनने वाली छात्र परिषद से रहेगा। विश्वविद्यालय को भेजी जाने वाली सूची इस अगले चरण का आधार बनेगी।