हिमाचल में ओवरलोडिंग पर सख्ती, बसों में नहीं चढ़ाए बच्चे, कुल्लू में चक्का जाम
बंजार हादसे के बाद ओवरलोडिंग पर सख्ती से जगह-जगह अफरातफरी और हंगामे का माहौल बन रहा है। कुल्लू-मनाली मार्ग पर बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था किए बसों में विद्यार्थियों को न बैठाए जाने से गुस्साए छात्रों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर चक्का जाम कर दिया।
बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से वाहनों की आवाजाही बहाल की गई। वहीं, बिलासपुर, कुल्लू जिले के आनी और हमीरपुर में भी बसों में सवारियां न चढ़ाए जाने पर लोगों ने विरोध जताया। कुछ ऐसी स्थिति प्रदेश के अन्य जिलों में भी रही।
बंजार बस हादसे के बाद पुलिस महानिदेशक ने ओवरलोडिंग से सख्ती से निपटने के आदेश जारी किए थे। आदेश के बाद से पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें व्यस्त रूटों पर रोजाना ओवरलोडिंग पर शिकंजा कस रही हैं। सोमवार को कुल्लू में स्कूल जा रहे विद्यार्थियों को ओवरलोडिंग के चलते नहीं बैठाया गया।
ओवरलोड एचआरटीसी बस को रोका तो उसके चालक और परिचालक भड़के
कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना प्रशासन की इस कार्रवाई पर गुस्साए छात्र और लोग सड़क पर उतर आए। वाहनों की आवाजाही को ही ठप कर दिया गया। बाद में पुलिस टीम के हस्तक्षेप से कुल्लू मनाली मार्ग खुलवाया गया।
उधर, कुल्लू के आनी में जब बसें ओवरलोड हुईं तो विद्यार्थियों समेत कई लोगों को नीचे उतार दिया गया। वहीं अधिकांश बसें कई स्टॉप पर बिना रुके ही आगे बढ़ गईं। इससे लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बिलासपुर के बामटा चौक पर ओवरलोडिंग पर नकेल कसने पहुंची टीम ने जैसे ही ओवरलोड एचआरटीसी बस को रोका तो उसके चालक और परिचालक भड़क गए। पुलिस की कार्रवाई पर एतराज जताते हुए बस के चालक ने मौके से ही आरएम को फोन कर सूचना दी।
इससे कुछ देर के लिए अफरा तफरी मची रही। कुछ ऐसे ही हालात हमीरपुर में पेश आए। सुबह के समय स्कूल में परीक्षा देने के लिए जा रहे विद्यार्थियों को बसों पर नहीं चढ़ाया गया।
खासकर जिला मुख्यालय से अणु, पक्काभरो, दोसड़का और बड़ू जाने वाली बसें अव्वल तो स्टॉप पर रुकी ही नहीं। कहीं सवारियां चढ़ भी गईं तो ओवरलोडिंग होते ही उन्हें उतार दिया गया। इससे लोगों को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ा।