युकां प्रदर्शनकारियों की भीड़ में थे कुर्ता-पजामा वाले पत्थरबाज
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विधानसभा के बाहर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़प के मामले में एक नया मोड़ आया है। शुरुआती जांच में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि शुरुआत में प्रदर्शन शांति पूर्वक चल रहा था।अचानक कुछ पत्थर पुलिस की ओर फेंके गए, जिससे माहौल बिगड़ गया।
ये पत्थरबाज कौन हैं, इनकी तलाश की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार ये पथरबाज प्रदर्शनकारियों की भीड़ में कुर्ता पजामा पहनकर आए थे। इस दिशा में पुलिस जांच कर रही है और उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
दावा किया जा रहा है कि ये लोग हिमाचल के नहीं लग रहे थे और इन्हीं की ओर से पुलिस पर पत्थर फेंके गए थे। पुलिस को अंदेशा है कि इन्हीं लोगों ने भीड़ को उकसाया। अब ये पत्थरबाज प्रदर्शनकारियों के साथ कहां से आ गए इस पहलू पर भी छानबीन की जा रही है। इनकी संख्या बीस के करीब बताई जा रही है।
वीडियो फुटेज से कई और युकां कार्यकर्ताओं पर दर्ज होंगे केस
विधानसभा के बाहर शुक्रवार को हुए प्रदर्शन तथा पथराव में शामिल युवा कांग्रेस के कई और कार्यकर्ताओं को नामजद करने की तैयारी है। पुलिस इसके लिए वीडियो से कार्यकर्ताओं की पहचान करने जा रही है। अब तक 20 पदाधिकारियों पर केस दर्ज किया है।
इनमें युकां के प्रदेशाध्यक्ष, महासचिव समेत एनएसयूआई के कई वर्तमान और पूर्व पदाधिकारी शामिल हैं। मामले की जांच का जिम्मा बालूगंज थाना प्रभारी को सौंपा है। पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज करने के बाद आने वाले दिनों में इन पदाधिकारियों की गिरफ्तारियां की जाएंगी।
हालांकि, शनिवार तक पुलिस ने किसी कार्यकर्ता को गिरफ्तार नहीं किया है। डीएसपी हेडक्वार्टर प्रमोद शुक्ला का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। जल्द ही पथराव में शामिल और कार्यकर्ताओं को नामजद कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।