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Shimla News: राजधानी में पेयजल योजना का नया काम ठेकेदार को देने पर रोक

Mon, 07 Sep 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2026 11:59 PM IST
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Stay on awarding new drinking water project contract to the contractor in the capital.
अमर उजाला असर...
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शहर में 24 घंटे पानी देने की योजना के कार्यों को लेकर महापौर ने कंपनी को लगाई फटकार, बोले- पहले पिछले कार्य तो पूरे करवाओ
पूछा- बिना बीओडी की मंजूरी कैसे सबलेट किए काम
बिना ठेकेदार कंपनी को क्यों दे रहे पैसा, 15 तक दें रिकॉर्ड

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में 24 घंटे पानी देने की योजना पर चल रही जांच के बीच अब महापौर सुरेंद्र चौहान ने ठेकेदार कंपनी को नए कार्य देने पर रोक लगा दी है।
महापौर ने पेयजल कंपनी के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त आदेश दिए हैं कि जब तक शहर में पिछले कार्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक नए काम ठेकेदार को नहीं दिए जाएंगे। महापौर ने बिना काम किए ही ठेकेदार कंपनी को ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस का पैसा जारी करने और काम सबलेट करने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कंपनी मनमानी बंद करे। टाउनहॉल में सोमवार को महापौर ने पेयजल कंपनी के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। महापौर सुरेंद्र चौहान ने पूछा कि जब ठेकेदार कंपनी पिछले काम सही ढंग से नहीं कर रही है तो उसे नए काम क्यों दिए जा रहे हैं। कई वार्डों में महीनों पहले खोदे गए रास्तों और सड़कों की हालत अभी तक नहीं सुधारी गई है। पहले इन वार्डों में काम पूरा करो, तभी दूसरे वार्डों में काम मिलेगा। कंपनी ने बताया कि शहर में कुल 10 पैकेज के तहत 34 वार्डों में नई पेयजल लाइनें बिछाने का काम चल रहा है। हर पैकेज में दो से तीन वार्ड शामिल हैं। अब तक कंपनी ने पांच पैकेज ठेकेदार कंपनी को सौंप दिए हैं। पांच और अभी सौंपे जाने हैं। महापौर ने कहा कि इनका काम तभी दिया जाएगा, जब पिछले काम पूरे होंगे।
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जांच के दायरे में आई इस योजना को लेकर महापौर सुरेंद्र चौहान ने कंपनी से एक हफ्ते बाद, 15 सितंबर को, फिर से रिकॉर्ड साथ लाने को कहा है। इसमें कंपनी को बताना होगा कि इस योजना के तहत अब तक कुल कितने नए कनेक्शन दिए गए हैं, ठेकेदार कंपनी को कितना पैसा जारी हो चुका है और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के नाम पर कितना पैसा दिया गया है। पैसा किस मोड में जारी किया गया, इसका भी रिकॉर्ड मांगा गया है।
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काम के लिए रख दिए ठेकेदार, अनुमति नहीं ली
महापौर ने कंपनी के अधिकारियों से पूछा कि आखिर योजना का काम सबलेट क्यों किया जा रहा है। पेयजल कंपनी की ओर से यह काम सुएज इंडिया कंपनी को दिया गया। इसके बाद सुएज ने आगे साईं को यह काम सौंप दिया। अब साईं भी आगे अन्य ठेकेदारों से यह काम करवा रहा है। कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि टेंडर एग्रीमेंट में 40 फीसदी काम सबलेट करने का प्रावधान है। इसके तहत ही यह काम किया जा रहा है। मेयर ने कहा कि कम से कम इसे बीओडी की बैठक में तो लाना चाहिए था।


ट्रांसफर किए अफसरों ने नहीं दी ज्वाइनिंग
पेयजल कंपनी में घमासान जारी है। कंपनी के नए महाप्रबंधक बनाए गए अधीक्षण अभियंता राकेश पराशर ने सोमवार को पदभार नहीं संभाला। जलशक्ति विभाग में तैनात पराशर को सरकार ने कंपनी का नया महाप्रबंधक बनाया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार वह कंपनी में आने के लिए तैयार नहीं हैं। दूसरी ओर महाप्रबंधक पद पर तैनात रहे अधीक्षण अभियंता राजेश कश्यप ने भी सोमवार को विभाग में ज्वॉइनिंग नहीं दी। माना जा रहा है कि सरकार इस मामले में अपने तबादला आदेश पर पुनर्विचार कर रही है। एक-दो दिन में नए आदेश भी जारी हो सकते हैं।
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