भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को खातों की ठीक से देखरेख करे वक्फ बोर्ड: सूचना आयोग
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हिमाचल प्रदेश सूचना आयोग ने आदेश जारी किए हैं कि पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के आरटीआई एक्ट के प्रावधान को ठीक से लागू करने के लिए प्रदेश वक्फ बोर्ड को अपने खातों की सही देखरेख सुनिश्चित करनी होगी। यह आदेश सूचना आयोग ने लक्कड़ बाजार निवासी मोहम्मद तारीक की अपील पर जारी किए हैं।
मुख्य सूचना आयुक्त नरेंद्र चौहान के आरटीआई कोर्ट ने आदेश दिए कि बोर्ड को अपने खातों का ऑडिट ठीक से करना होगा जो कैश और चेक से लेनदेन करने वाले किसी भी संस्थान का मौलिक और प्राथमिक कार्य है। कैश रजिस्टर, बैलेंस शीट, पी एंड एल अकाउंट, घिसावट खाता, परिसंपत्ति रजिस्टर का प्रबंधन अनिवार्य है।
अधूरी सूचना देने के मामले में आयोग के समक्ष अपील, सूचना दिलाई
इसे सीए या अकाउंटेंट की सेवाएं लेते हुए कम से कम लागत उठाकर भी किया जा सकता है। आरटीआई कोर्ट ने इससे पहले वक्फ बोर्ड को एक्ट की धारा 4 के तहत अधिकतम सूचनाएं सार्वजनिक करने की बात की थी।
इसके सारे रिकॉर्ड को सूचीबद्ध तरीके से रखने के आदेश किए थे, जिससे आरटीआई एक्ट में सूचना देने में किसी तरह की परेशानी पेश न आए। मोहम्मद तारीक की अपील पर अधिवक्ता राजेश कश्यप ने आयोग के समक्ष मामला रखा कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर अपर्याप्त सूचना दी गई है।
उन्होंने आरोप लगाया था कि बोर्ड अपने पास सूचनाओं को पारदर्शितापूर्ण तरीके से नहीं रखता है। वक्फ बोर्ड का ऑडिट 2005-06 से भी पूरा नहीं किया गया है।