{"_id":"5a06f96b4f1c1bc1678bab8a","slug":"sri-sri-ravi-shankar-in-bilaspur","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब तक चोटों पर मरहम नहीं लगेगा, हिंसा चलती रहेगी : श्रीश्री रविशंकर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जब तक चोटों पर मरहम नहीं लगेगा, हिंसा चलती रहेगी : श्रीश्री रविशंकर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Sun, 12 Nov 2017 10:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने आर्ट ऑफ लिविंग के इंटरनेशनल केंद्र बंगलूरू में कश्मीर में चल रहे संघर्ष के पीड़ितों के सम्मेलन का आगाज किया। इस दौरान मारे गए आतंकवादियों के परिवार, संघर्ष में प्रभावित परिवार और पूरे भारत से सेना के शहीदों के परिवार उपस्थित थे।
विज्ञापन
आर्ट ऑफ लिविंग की जिला समन्वयक टीचर रचना मेहता ने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रभावित परिवारों की 60 महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने बताया कि यह सचमुच में एक दिल को छू लेने वाला पल था कि परिजनों ने अपने अपने दर्द बयान किए। उस आतंकवाद को त्यागने की अभिव्यक्ति दी, जिसने उनके परिजन छीन लिए।
विज्ञापन
मेहता ने बताया कि इस अवसर पर गुरुदेव ने कहा कि जब परिवार हिंसा के शिकार हों तब उन्हें क्षमा के भाव से आगे आना चाहिए और तभी एक अहिंसात्मक समाज का निर्माण हो सकता है।
विज्ञापन
आशा जताई कि अब कई युवा इस नए रास्ते पर चलेंगे। जब तक हम उनकी चोटों पर मरहम नहीं लगाएंगे, तब तक यह हिंसा की कड़ी चलती ही रहेगी।
जब एक पूर्व आतंकवादी अब्दुल माजिद ने कहा कि युवाओं को अपनी बंदूकें फेंककर शांति मार्ग अपनाना चाहिए। उसने कहा कि वह यहां इसलिए आए हैं क्योंकि यहां उन्हें उनकी समस्याओं का हल बातचीत से मिलेगा।
भिंडीपोरा के नसीर लोन ने कहा कि उन्हें कोई सुनता ही नहीं है जबकि हमारे जैसे लोगों के लिए कुछ किया जाना चाहिए। एक अफसर की विधवा ने कहा कि वे किसी के भी विरोधी नहीं हैं। उनका गुस्सा उन परिस्थितियों पर है जो कश्मीर को हिंसक बनाए हुए हैं।