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विवादित खेल विधेयक पर टिकीं सबकी निगाहें
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 11 Aug 2015 10:26 AM IST
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हिमाचल में नए राज्यपाल की नियुक्ति के साथ ही विवादित खेल विधेयक पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। विधेयक की फाइल फिलहाल राजस्थान में हिमाचल के कार्यकारी राज्यपाल कल्याण सिंह के पास है। चर्चा शुरू हो गई है कि इस पर फैसला कल्याण सिंह ले चुके हैं या 12 अगस्त को शपथ लेने के बाद नवनियुक्त राज्यपाल डॉ. देवव्रत आचार्य लेंगे।
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कांग्रेस सरकार ने भाजपा सांसद एवं बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर की अगुवाई वाले हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) समेत खेलों से जुडे़ 42 संगठनों को इस विधेयक के दायरे में लाया है। उल्लेखनीय है कि बीते अप्रैल में विधानसभा बजट सत्र के दौरान सरकार ने विपक्ष के भारी हंगामे के बीच खेल विधेयक को पारित किया था।
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इसके बाद विधेयक को मंजूरी के लिए कार्यकारी राज्यपाल कल्याण सिंह के पास भेजा गया। जून पहले हफ्ते में एचपीसीए के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन देकर विधेयक के कई बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कराई। कहा कि इस विधेयक से खेल संगठनों की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी।
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विधेयक को लाने की सरकार की मंशा भी ठीक नहीं। आपत्तियों के आधार पर राजभवन ने 12 जून को राज्य सरकार से कमेंट्स मांगे थे। डेढ़ सप्ताह पहले ही सरकार ने राजभवन को कमेंट्स भेजे हैं।