फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Spiritual Guru Sadhguru Jaggi Vasudev said Cultural villages will have to be established in the capital of eve

Cultural villages: सद्गुरु जग्गी वासुदेव बोले- हर राज्य की राजधानी में बसाने होंगे सांस्कृतिक गांव

Sun, 18 Sep 2022 10:48 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 18 Sep 2022 10:48 PM IST
सार

आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में राज्यों के पर्यटन मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में सत्र को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि ये गांव अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से 50 किलोमीटर के दायरे में बसाए जाने चाहिए। 

विज्ञापन
Spiritual Guru Sadhguru Jaggi Vasudev said Cultural villages will have to be established in the capital of eve
आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव - फोटो : संवाद

विस्तार

देश की सांस्कृतिक एवं धरोहर विरासत को पर्यटकों के समक्ष सही ढंग से प्रस्तुत करने के लिए हर राज्य की राजधानी में सांस्कृतिक गांव बसाए जा सकते हैं। आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में राज्यों के पर्यटन मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में सत्र को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि ये गांव अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से 50 किलोमीटर के दायरे में बसाए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि इस गांव में उस राज्य की संस्कृति, पकवानों, पहनावे, नृत्य, संगीत, भाषा और अन्य स्थानीय खूबियों को एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। इससे हम अपनी विविधताओं को पूरी दुनिया के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटकों  को आकर्षित करने के लिए सुरक्षा और स्वच्छता का माहौल उपलब्ध करवाना होगा। इसके लिए देश का मीडिया सही तस्वीर को प्रस्तुत करते हुए देश की इमेज बिल्डिंग की भूमिका निभा सकता है।

विज्ञापन


उन्होंने कहा के पर्यटन के क्षेत्र में विकास की अथाह संभावनाएं हैं। अगर बेहतर प्रयास किए जाएं तो देश की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद ) में पर्यटन क्षेत्र के योगदान को 25 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पर्यटक पानी के स्रोतों के किनारे जाना बहुत पसंद करते हैं। ऐसे में वन विभाग और पर्यटन विभाग को आपस में मिलकर जलाशयों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करना होगा। इसके अलावा गंगा और नर्मदा नदी को पर्यटन विकास के गंतव्यों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मंदिरों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए देश के मंदिरों को पर्यटन के लिहाज से विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत को आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए कार्य करने का अब बिल्कुल सही समय है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed