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Shimla News: गिरि खड्ड में बहाए तरल पदार्थ मामले में जांच शुरू, जलशक्ति विभाग के भरे सैंपल सही निकले

Fri, 04 Oct 2024 11:40 AM IST
शिमला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: शिमला ब्यूरो Updated Fri, 04 Oct 2024 11:40 AM IST
सार

 नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान पेयजल कंपनी के अधिकारियों को लेकर वीरवार सुबह गिरि पहुंचे और पेयजल परियोजना से सैंपल भरवाए।

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spilled liquid into ravine Investigation started in substance case
गिरि खड्ड में मिला तरल पदार्थ। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

गिरि खड्ड के पानी में सफेद तरल पदार्थ छोड़े जाने के मामले में जांच शुरू हो गई है। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान पेयजल कंपनी के अधिकारियों को लेकर वीरवार सुबह गिरि पहुंचे और पेयजल परियोजना से सैंपल भरवाए। इसके अलावा अधिकारियों से मौके की रिपोर्ट भी ली। गिरि के बाद महापौर पराला मंडी पहुंचे जहां से यह तरल पदार्थ पानी में छोड़ा था। यहां ठियोग के विधायक कुलदीप राठौर भी आए थे। एचपीएमसी के अधिकारियों से इस बारे में रिपोर्ट तलब की। पराला के पास एचपीएमसी का प्रोसेसिंग प्लांट है। कहा की गिरि से ठियोग और शिमला के लिए पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में बिना ट्रीट किया अपशिष्ट पानी में न छोड़ा जाए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने दावा किया कि ट्रीटमेंट के बाद ही यहां से पानी गिरि में छोड़ा जाता है। महापौर ने यहां लगाए गए ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि इस तरह की शिकायतें ना आए।

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जल शक्ति विभाग और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जल शक्ति विभाग की ओर से भी पानी की सैंपलिंग की गई। बुधवार शाम को गिरि के पानी में जो सफेद तरल पदार्थ छोड़ा था, वह जल शक्ति विभाग के टैंकों और पंपिंग मशीनरी में भी चिपक गया था। इसके चलते वीरवार को इन टैंकों को खाली करवा कर साफ करवाना पड़ा। प्रोसेसिंग प्लांट से जुड़े लोगों ने दावा किया कि यह तरल पदार्थ ट्रीटमेंट के बाद ही गिरि में छोड़ा है। यह सेब का बचा हुआ अपशिष्ट है। इससे सेहत को कोई नुकसान नहीं होगा। हालांकि जल शक्ति विभाग ने मौके पर पानी के सैंपल भरवाए। देर शाम इसकी रिपोर्ट आ गई है। इसमें पानी में किसी तरह का केमिकल नहीं पाया गया है। दो और रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। इस क्षेत्र के जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता महबूब शेख ने कहा कि गिरि के सैंपल की रिपोर्ट दुरुस्त आई है। शुक्रवार से मतियाना और ठियोग के लिए पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
 

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गिरि परियोजना के सैंपल भी ठीक
नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि पेयजल कंपनी ने भी गिरि से पानी के सैंपल भरे हैं। भेखलटी और संजौली टैंक के भी सैंपल लिए हैं। सबकी रिपोर्ट ठीक आई है। शहर के लिए पानी की आपूर्ति जारी है। शहर की जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। गिरि से क्लोरिनेशन के बाद ही शिमला के लिए पानी की आपूर्ति की जाती है।

 

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प्लांट से नहीं निकलता हानिकारक केमिकल
एचपीएमसी ने गिरि के पानी में सफेद तरल पदार्थ छोड़े जाने के मामले को लेकर दावा किया है कि पराला प्लांट से कोई भी हानिकारक केमिकल बाहर नहीं निकलता। एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक सुदेश कुमार मोक्टा ने वीरवार को मौके का निरीक्षण किया।कहा कि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि यह पानी में सफेद तरल पदार्थ हमारे प्लांट से निकले ट्रीट होकर निकले व्यर्थ पदार्थ के हैं या कुछ और। यदि गिरि के पानी में मिला सफेद तरल पदार्थ उनके प्लांट से निकले व्यर्थ पदार्थ का है, तो कमियों का दूर किया जाएगा।

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