अवैध खनन के हथियार से कांग्रेस के निशाने पर फिर आए एसपी ऊना
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शीत सत्र के चौथे दिन कांग्रेस ने अवैध खनन के हथियार से निशाने पर एसपी ऊना व पुलिस विभाग फिर ले लिया। विपक्ष के वाकआउट से पहले सदन में हंगामे के बीच रायजादा प्रकरण का साया फिर मंडराता दिखा।
शिमला में हुए पिछले मानसून सत्र में विधायक रायजादा से जुड़े शराब प्रकरण के बाद विपक्ष एसपी ऊना के खिलाफ कार्रवाई पर अड़ा रहा था, सदन में हंगामे के बाद मुख्यमंत्री नेे एसपी दिवाकर शर्मा को छुट्टी पर भिजवाकर ही दम लिया। हालांकि, राज्य सरकार ने उन्हें विपक्ष की मांग के अनुरूप आज तक हटाया नहीं है।
ऐसे में विपक्ष ने शीत सत्र में भी एसपी को निशाने में लिया। ऊना पुलिस और उसके कप्तान से कांग्रेस विधायकों की परेशानी का आलम इस हद तक दिख रहा है कि खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का सवाल खुद नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने उठाया।
यह शीत सत्र में प्रश्नकाल में मुकेश का पहला मूल सवाल था। जब उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने ऊना में स्वां नदी में हो रहे अवैध कारोबार के इस सवाल को ही गलत बताया तो नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने यहां तक कह डाला कि वह चार बार के विधायक हैं, प्रश्न लगाना जानते हैं।
मंत्री की ओर से अवैध खनन करने वाले 25 जेसीबी जब्त करने, 13 लाख रुपये का जुर्माना करने, 791 मामले बनाने के जवाब से भी नेता प्रतिपक्ष असंतुष्ट हुए। ऊना सदर के गुस्साए कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा भी उनके समर्थन में खड़े होते रहे। यह मालूम रहे कि ऊना पुलिस ने कुछ महीने पहले विधायक सतपाल रायजादा की गाड़ी में शराब पकड़ने का दावा किया था।
उनके स्टाफ के कर्मचारी पर कार्रवाई की थी। पिछले मानसून सत्र में विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बनाते हुए विधायक संस्था की गरिमा पर सवाल उठाया था और एसपी ऊना को बदलने की बात की थी। विपक्ष को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एसपी को अवकाश पर भेजने की बात कर समाधान निकाला था, मगर इस मामले का साया फिर सामने आया।
नेता प्रतिपक्ष मुकेश ने अवैध खनन पर कार्रवाई नहीं करने के लिए न केवल एसपी को निशाने पर लिया, बल्कि यहां तक कह डाला कि वह कौन सचिव है, जिसने स्वां नदी पर अवैध खनन का कारोबार नहीं होने की बात की है। अधिकारियों को कहो कि आंख खोलकर जवाब दें।