2500 एसएमसी शिक्षकों की नौकरी पर तलवार
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प्रदेश के 800 सरकारी स्कूलों में एसएमसी से पीरियड आधार पर नियुक्त करीब 2500 शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। शिक्षा विभाग ने विगत 15 जुलाई को जारी की गई अधिसूचना को वापस ले लिया है। अब एसएमसी कार्यरत स्कूलों में नियमित, स्थानांतरित और पदोन्नत शिक्षक भी नियुक्त हो सकेंगे।
शिक्षा विभाग के इस फैसले का पीरियड बेस्ड एसएमसी टीचर एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन के महासचिव मनोज रोंगटा ने बताया कि 16 नवंबर को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मुलाकात कर मामले को उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री से एसएमसी विरोधी अधिसूचनाओं को रदद करने की मांग की जाएगी।
उच्च शिक्षा निदेशक ने जारी किए आदेश
उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी नई अधिसूचना के मुताबिक एसएमसी से पीरियड आधार पर नियुक्तियों वाले स्कूलों में अब नियमित, स्थानांतरित और पदोन्नत शिक्षक भी नियुक्त किए जा सकेंगे। उच्च शिक्षा निदेशक ने सभी उपनिदेशकों को यह आदेश जारी कर दिए हैं। पीरियड बेस्ड एसएमसी टीचर एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग के इस फैसला का विरोध किया है।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार, महासचिव मनोज रोंगटा और उपाध्यक्ष कमल जोशी ने कहा कि एसएमसी पर कार्यरत अध्यापकों के स्थान पर नियमित अध्यापकों को भेजने के फैसले से 2500 एसएमसी शिक्षकों की नौकरी संकट में आ गई है। शिक्षा विभाग इस तरह की अधिसूचना जारी कर शिक्षकों के मनोबल को गिराने पर लगा है। महासचिव मनोज रोंगटा ने एसएमसी अध्यापकों के लिए एक स्थाई नीति बनाने की मांग की है।