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हाईकोर्ट के फैसले पर टिका एसएमसी शिक्षकों का भविष्य
Sat, 25 Apr 2020 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 25 Apr 2020 05:00 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बीते कई वर्षों से सेवाएं दे रहे 2600 एसएमसी शिक्षकों का भविष्य हाईकोर्ट पर टिका है। मामले पर स्टे लगने के कारण सरकार इन शिक्षकों का एक साल का सेवा विस्तार नहीं बढ़ा पा रही है। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद कैबिनेट में सेवा विस्तार का प्रस्ताव लाया जाएगा। राज्य सरकार ने प्रदेश महाधिवक्ता के माध्यम से स्टे हटाने की हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
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शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि एक व्यक्ति ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद एसएमसी भर्तियों पर स्टे लगाया हुआ है। हाईकोर्ट से स्टे हटते ही सरकार इस मामले को कैबिनेट में लेकर जाएगी। इसके बाद ही इन शिक्षकों का बकाया वेतन भी जारी हो जाएगा। सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले करीब 2600 एसएमसी शिक्षकों का प्रदेश सरकार ने इस साल सेवा विस्तार नहीं बढ़ाया है।
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बीते कई वर्षों से हर साल एक साल के सेवा विस्तार दिया जाता रहा है। अस्थाई शिक्षकों का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के चलते प्रदेश हाईकोर्ट में भी एसएमसी शिक्षकों से जुड़ा एक मामला होने के कारण प्रदेश सरकार इस बाबत फैसला नहीं ले पा रही थी।
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अब सुप्रीम कोर्ट से अस्थायी शिक्षकों के हक में फैसला आने के बाद प्रदेश सरकार ने एसएमसी शिक्षकों के मामले पर हाईकोर्ट में लगे स्टे को हटाने की कवायद शुरू कर दी है। हाईकोर्ट से जैसे ही स्टे हटेगा। उसके बाद शिक्षा विभाग एसएमसी शिक्षकों का सेवा विस्तार बढ़ाने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव ले जाएगा।