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हिमाचल में बनेंगी स्मार्ट गोशालाएं, गोवंश को बेसहारा छोड़ा तो पांच हजार रुपये जुर्माना
Thu, 05 Aug 2021 10:56 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 05 Aug 2021 10:56 PM IST
सार
प्रश्नकाल के दौरान पंचायतीराज और पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने विधायक रमेश धवाला के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पशुओं को बेसहारा छोड़ने वाले लोगों पर एसडीएम और तहसीलदारों को कार्रवाई करने का जिम्मा सौंपेंगे।
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पंचायतीराज और पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में गोवंश को बेसहारा छोड़ने वालों पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगेगा। सरकार ने गो सेवा आयोग की बैठक में पंचायतीराज (संशोधन) अधिनियम 2006 में संशोधन का फैसला लिया है। इसके तहत गो जातीय पशुओं को बेसहारा छोड़ने वाले पशुओं के मालिकों पर जुर्माने की राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने का प्रावधान किया गया है।प्रश्नकाल के दौरान पंचायतीराज और पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने विधायक रमेश धवाला के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पशुओं को बेसहारा छोड़ने वाले लोगों पर एसडीएम और तहसीलदारों को कार्रवाई करने का जिम्मा सौंपेंगे। निजी संस्थाओं के सहयोग से प्रदेश में स्मार्ट गोशालाएं बनाई जाएंगी।
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इसके लिए दो-तीन दिन के भीतर एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बछड़ों का प्रयोग खेती के लिए नहीं हो रहा है। बछड़ों की संख्या कम करने के लिए सीमन बैंक बनाया जा रहा है। अभी सीमन महंगा है, लोग इसकी खरीद नहीं कर रहे हैं। सब्सिडी के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। आधार नंबर से लिंक कर पशुओं की टैगिंग का काम अस्सी फीसदी पूरा कर लिया गया है। गो अभ्यारण्यों का निर्माण तेजी से जारी है। जून 2022 तक अधिकांश गोवंश को सड़क से हटाकर अभ्यारण्यों में लाएंगे। बंगाणा में गोकुल ग्राम बनाया जा रहा है। विधायक रमेश धवाला, पवन काजल और नरेंद्र ठाकुर ने गो अभ्यारण्य का मामला प्रश्नकाल में उठाया।
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