धर्मशाला में लोगों के सुझाव से बनेगी स्मार्ट सिटी
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धर्मशाला में स्मार्ट सिटी को लेकर प्रदेश सरकार अपने स्तर पर प्लान तैयार नहीं कर सकेगी। इसके लिए लोगों की राय और सुझाव अवश्य लेने होंगे। इसके बाद ही प्लान केंद्र को भेजा जाएगा। केंद्र सरकार ने ऐसे निर्देश प्रदेश सरकार को जारी किए हैं। निर्देशों में जनता के सुझाव भी केंद्र को भेजने के लिए कहा है। इसी आधार पर योजना के तहत राशि जारी की जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक स्मार्ट सिटी धर्मशाला के लिए पहले वर्कशॉप और लोगों के साथ बैठकें करनी होंगी।
वार्डों में युवा, बुजुर्ग और महिलाओं की अलग-अलग राय लेनी अनिवार्य है। केंद्र सरकार से जारी आदेशों के बारे में भी जनता को अवगत कराना होगा। राजनेताओं को छोड़कर अधिकारियों और लोगों के आपसी विचार-विमर्श के बाद ही प्लान तैयार होगा। धर्मशाला स्मार्ट सिटी के लिए फेसबुक अकाउंट बनाया गया है। इसमें 2000 लोगों ने अपने सुझाव दिए हैं। कॉलेज छात्र भी लोगों के बीच जाकर उनसे स्मार्ट सिटी को लेकर सुझाव मांग रहे हैं।
इन मुद्दों पर होना है विचार-विमर्श
- क्षेत्र के लिए परिवहन व्यवस्था
- अस्पताल और स्कूल का निर्माण होगा
- सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त होगी
- भीड़भाड़ जैसे सब्जी मंडी, अनाज मंडी शहर से बाहर होगी
- लोगों को 24 घंटे पानी की सुविधा मुहैया होगी
- लोगों को बैठने के लिए पार्क बनेंगे
- बच्चों को खेलने के लिए ग्राउंड की व्यवस्था
- कॉलोनियों के लिए वाहनों की सुविधा
- नंबर से होगी घरों की पहचान
शहरी विकास विभाग के निदेशक जेएम पठानिया ने बताया कि स्मार्ट सिटी और अमृत योजना के लिए केंद्र सरकार ने गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें लोगों से विचार-विमर्श करने को कहा है। अब तक धर्मशाला में आठ वर्कशॉप हो चुकी है। इसमें 10 योजनाओं के बारे में लोगों से सुझाव मांगे जा रहे हैं।