{"_id":"66a3aa7f4e30c68bcb0cde9e","slug":"slips-made-late-by-one-and-a-quarter-hour-in-igmc-patients-upset-shimla-news-c-19-sml1001-385233-2024-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: आईजीएमसी में सवा घंटा देरी \nसे बनी पर्चियां, मरीज परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: आईजीएमसी में सवा घंटा देरी से बनी पर्चियां, मरीज परेशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुबह आठ बजे ही लग गई थी पर्ची काउंटर पर लाइनें
टेस्ट फीस जमा करवाने समेत अन्य कार्य हुए प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में शुक्रवार सुबह हजारों मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस कारण काउंटरों पर मरीजों की पर्चियां नहीं बनी। दर्द से परेशान मरीजों को इस बीच काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
आईजीएमसी में सुबह आठ बजे तक हजारों की तादाद में मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंच चुके थे लेकिन सर्वर में तकनीकी दिक्कतों के चलते काम पूरी तरह ठप रहा। देखते ही देखते पर्ची काउंटरों पर भीड़ लगना शुरू हो गई। मरीजों की जब पर्चियां नहीं बनीं तो मरीजों ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से बहस शुरू कर दी। उच्च अधिकारियों के पास शिकायत पहुंची तब जाकर व्यवस्था ठीक की गई। अस्पताल में सवा घंटे देरी से पर्चियां बनाने का काम शुरू हो पाया।
देरी से चेकअप होने के कारण मरीजों को टेस्ट की रिपोर्ट भी देरी से मिली, तब तक ओपीडी का समय खत्म हो गया था। अब मरीजों को शनिवार को फिर टेस्ट रिपोर्ट दिखाने के लिए अस्पताल आना होगा। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने बताया कि पर्ची न बनने की शिकायत मिलने के तुरंत बाद समस्या का समाधान कर दिया था।
विज्ञापन
टेस्ट फीस भी देरी से हुई जमा
अस्पताल में टेस्ट फीस जमा किए जाने का कार्य भी देरी से शुरू हुआ। यही वजह है कि व्यवस्था को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए सुबह 11 बजे गए। अस्पताल आए मरीज और उनके तीमारदारों ने कहा कि आधुनिक तकनीक वाले जमाने में इस तरह घंटों इंतजार करवाना सही नहीं है। ठियोग के राम सिंह, रामपुर के अनिल मेहता ने कहा कि अगर ऐसी समस्या आए तो आईटी टीम तुरंत सतर्क रहें और इसका समाधान करें। अस्पताल में औसतन 3000 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं।
विज्ञापन
टेस्ट फीस जमा करवाने समेत अन्य कार्य हुए प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में शुक्रवार सुबह हजारों मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस कारण काउंटरों पर मरीजों की पर्चियां नहीं बनी। दर्द से परेशान मरीजों को इस बीच काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
आईजीएमसी में सुबह आठ बजे तक हजारों की तादाद में मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंच चुके थे लेकिन सर्वर में तकनीकी दिक्कतों के चलते काम पूरी तरह ठप रहा। देखते ही देखते पर्ची काउंटरों पर भीड़ लगना शुरू हो गई। मरीजों की जब पर्चियां नहीं बनीं तो मरीजों ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से बहस शुरू कर दी। उच्च अधिकारियों के पास शिकायत पहुंची तब जाकर व्यवस्था ठीक की गई। अस्पताल में सवा घंटे देरी से पर्चियां बनाने का काम शुरू हो पाया।
विज्ञापन
देरी से चेकअप होने के कारण मरीजों को टेस्ट की रिपोर्ट भी देरी से मिली, तब तक ओपीडी का समय खत्म हो गया था। अब मरीजों को शनिवार को फिर टेस्ट रिपोर्ट दिखाने के लिए अस्पताल आना होगा। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने बताया कि पर्ची न बनने की शिकायत मिलने के तुरंत बाद समस्या का समाधान कर दिया था।
विज्ञापन
टेस्ट फीस भी देरी से हुई जमा
अस्पताल में टेस्ट फीस जमा किए जाने का कार्य भी देरी से शुरू हुआ। यही वजह है कि व्यवस्था को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए सुबह 11 बजे गए। अस्पताल आए मरीज और उनके तीमारदारों ने कहा कि आधुनिक तकनीक वाले जमाने में इस तरह घंटों इंतजार करवाना सही नहीं है। ठियोग के राम सिंह, रामपुर के अनिल मेहता ने कहा कि अगर ऐसी समस्या आए तो आईटी टीम तुरंत सतर्क रहें और इसका समाधान करें। अस्पताल में औसतन 3000 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं।