एक दिन में साढ़े छह हजार कर्मचारी होंगे रिटायर
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हिमाचल के साढ़े छह हजार से अधिक कर्मचारी और अधिकारी मंगलवार को एक साथ रिटायर होंगे। इनके रिटायरमेंट से प्रदेश सरकार पर तकरीबन 700 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ पड़ने जा रही है।
हालांकि 14 वें वित्त आयोग की ओर से बजट मिलने के कारण राज्य के लिए यह रकम भुगतान करना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा।
प्रदेश में 31 मार्च को जो कर्मचारी या अधिकारी रिटायर होंगे। उसमें सबसे अधिक ढाई हजार कर्मचारी शिक्षा विभाग से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा तकरीबन तीन हजार कर्मचारी बिजली बोर्ड, आईपीएच और लोक निर्माण विभाग के शामिल है।
तकरीबन एक हजार कर्मचारी अन्य सभी विभागों को मिलाकर है। पिछले सप्ताह कैबिनेट की ओर से लिए गए फैसले से उन कर्मियों और अधिकारियों को झटका लगा है, जोकि सेवा विस्तार कराने की तैयारी में थे। एक अनुमान के अनुसार ऐसे कर्मियों और अधिकारियों की संख्या एक हजार से अधिक बताई जा रही है।
350 कर्मियों को मिलेगा प्रमोशन
हिमाचल सरकार की ओर से पिछले साल सेवा विस्तार देने से जिन कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रमोशन नहीं हो पाया था। उन्हें 16 अप्रैल से पहले प्रमोशन दिया जाएगा। प्रदेश में ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या तकरीबन साढ़े तीन सौ के आसपास बताई जा रही है।
सरकारी विभागों में साढ़े छह हजार कर्मचारियों और अधिकारियों के रिटायर होने से प्रदेश के युवाओं को मौका मिलेगा। उनके लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। साथ ही भविष्य में सरकार से आर्थिक बोझ भी कुछ कम होगा।
प्रधान सचिव कार्मिक एसकेबीएस नेगी ने बताया कि पहली बार हिमाचल प्रदेश के इतिहास में साढ़े छह हजार कर्मचारी रिटायर होंगे। इसमें सबसे अधिक शिक्षा विभाग के कर्मचारी और अधिकारी शामिल है।