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Bilaspur News : जलस्तर घटने के बाद झील से बाहर आए छह मंदिर, पुनर्स्थापन की तैयारी
Mon, 02 Jan 2023 10:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 02 Jan 2023 10:46 AM IST
सार
जैसे ही ये मंदिर पूरी तरह से पानी से बाहर निकलेंगे, वैसे ही 1,500 करोड़ रुपये की परियोजना के पहले चरण का कार्य शुरू हो जाएगा। पहले चरण में नाले के नौण के तीन मंदिरों को शिफ्ट किया जाएगा।
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पानी से निकले मंदिर...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोबिंद सागर झील के घटते जलस्तर के साथ सांडू के मैदान में जलमग्न हुए हिमाचल प्रदेश स्थित विलासपुर के ऐतिहासिक मंदिर बाहर निकल रहे हैं। इसमें तीन मंदिर पूरी तरह से बाहर निकल चुके हैं और तीन पानी से आधे बाहर निकले हैं।
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जैसे ही ये मंदिर पूरी तरह से पानी से बाहर निकलेंगे, वैसे ही 1,500 करोड़ रुपये की परियोजना के पहले चरण का कार्य शुरू हो जाएगा। पहले चरण में नाले के नौण के तीन मंदिरों को शिफ्ट किया जाएगा।
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हर साल बिलासपुर के ये ऐतिहासिक मंदिर पानी में डूब जाते हैं और करीब छह माह की जल समाधि के बाद पूरी तरह बाहर आते हैं। इन पौराणिक मंदिरों की धरोहर को संजोए रखने के लिए हिमाचल प्रदेश रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लि. के माध्यम से 1,500 करोड़ रुपये लागत की महत्वाकांक्षी परियोजना तीन चरणों में क्रियान्वित की जाएगी।
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देश के मशहूर पुरातत्वविद पद्मश्री केके मुहम्मद के दिशा-निर्देश में लार्सन एंड टर्बो (एल एंड टी) कंपनी इस कार्य को करेगी। इसी माह एडीबी की टीम शिमला में परियोजना की समीक्षा बैठक करेगी और वहीं से इसके लिए राशि मंजूर करेगी।
तीन चरणों में पूरा होगा काम
पहले चरण में नाले के नौण में तीन मंदिरों को लिफ्ट किया जाएगा। दूसरे चरण में सांडू मैदान को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। तीसरे चरण में मंडी भराड़ी के पास बैराज बनाकर मंदिरों के आसपास एक जलाशय बनाया जाएगा। इसमें रिवर फ्रंट और वॉक वेज विकसित किए जाएंगे।
झील का पानी चढ़ने से पहले नाले के नौण में परियोजना के पहले फेज को सिरे चढ़ाने के लिए मिट्टी के सैंपल लिए गए थे। वहीं, दो जगह से और मिट्टी के सैंपल भरे गए थे, जो पास हो गए थे। अब झील का पानी उतरने के बाद बाकी जगह से भी अन्य फेज के लिए सैंपल भरने की प्रक्रिया शुरू होगी।