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Shimla News: चेक बाउंस मामले में दोषी को छह माह का कारावास
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दोषी ने सेब कारोबार के लिए लिए थेे पैसे
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत का फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला अदालत ने चेक बाउंस मामले में संजौली निवासी जोगिंदर सिंह चौहान को दोषी करार देते हुए छह माह के कारावास की सजा सुनाई है।
दोषी को अब ऋण लिए 1.20 लाख रुपये की जगह 1.70 लाख रुपयेे की अदायगी करनी होगी।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। दोषी जोगिंदर सिंह चौहान ने सेब कारोबार के लिए 1.20 लाख रुपये उधार लिए थे जिसे वह ब्याज सहित चुकाने में असमर्थ रहा। शिकायतकर्ता के अनुसार दोषी ने वर्ष 2019 में उससे 1.20 लाख रुपये उधार लिए थे। दोनों के बीच छह माह की अवधि के भीतर पैसों को वापस करने का समझौता हुआ था लेकिन दोषी भुगतान करने में विफल रहा। 31 मार्च 2020 को शिकायतकर्ता को एचपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक का चेक जारी किया लेकिन बैंक खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद दोषी को कानूनी नोटिस जारी किया गया। 4 मई 2020 को निर्धारित समय में कर्ज न चुकाने पर शिकायतकर्ता ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत न्यायालय के समक्ष केस दायर किया था। अब न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते यह फैसला सुनाया है। संवाद
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अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत का फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला अदालत ने चेक बाउंस मामले में संजौली निवासी जोगिंदर सिंह चौहान को दोषी करार देते हुए छह माह के कारावास की सजा सुनाई है।
दोषी को अब ऋण लिए 1.20 लाख रुपये की जगह 1.70 लाख रुपयेे की अदायगी करनी होगी।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। दोषी जोगिंदर सिंह चौहान ने सेब कारोबार के लिए 1.20 लाख रुपये उधार लिए थे जिसे वह ब्याज सहित चुकाने में असमर्थ रहा। शिकायतकर्ता के अनुसार दोषी ने वर्ष 2019 में उससे 1.20 लाख रुपये उधार लिए थे। दोनों के बीच छह माह की अवधि के भीतर पैसों को वापस करने का समझौता हुआ था लेकिन दोषी भुगतान करने में विफल रहा। 31 मार्च 2020 को शिकायतकर्ता को एचपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक का चेक जारी किया लेकिन बैंक खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद दोषी को कानूनी नोटिस जारी किया गया। 4 मई 2020 को निर्धारित समय में कर्ज न चुकाने पर शिकायतकर्ता ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत न्यायालय के समक्ष केस दायर किया था। अब न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते यह फैसला सुनाया है। संवाद