Himachal: अयोग्य घोषित कांग्रेस के छह और तीन निर्दलीय विधायक पहुंचे ऋषिकेश
राजनीति में तूफान खड़ा करने वाले कांग्रेस के अयोग्य घोषित छह विधायक और तीन निर्दलीय विधायक केएल ठाकुर, होशियार सिंह और आशीष शर्मा शुक्रवार को उत्तराखंड के ऋषिकेश पहुंच गए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में तूफान खड़ा करने वाले कांग्रेस के अयोग्य घोषित छह विधायक सुधीर शर्मा, राजेंद्र राणा, देवेंद्र भुट्टो, रवि ठाकुर, इंद्रदत्त लखनपाल, चैतन्य शर्मा और तीन निर्दलीय विधायक केएल ठाकुर, होशियार सिंह और आशीष शर्मा शुक्रवार को उत्तराखंड के ऋषिकेश पहुंच गए। ये सभी विशेष चार्टर्ड विमान से जौलीग्रांट स्थित देहरादून हवाई अड्डे पर उतरे और यहां से किसी अज्ञात स्थान के लिए रवाना हो गए। सूत्रों के मुताबिक, इन सभी विधायकों के ऋषिकेश से करीब 30 किमी दूर स्थित एक बड़े समूह के होटल में ठहरने की सूचना है।
इस ताजा घटनाक्रम से हिमाचल प्रदेश में फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। 27 फरवरी को राज्यसभा चुनाव में क्राॅस वोटिंग करने के बाद से सभी नेता शिमला से पंचकूला चले गए थे। बजट सत्र के लिए सीआरपीएफ की सुरक्षा में 28 फरवरी को विधानसभा शिमला आने के बाद दोबारा पंचकूला लौट गए थे। 28 फरवरी के बाद से ये हिमाचल नहीं लौटे हैं। सूत्रों का कहना है कि यहां से वे किसी अन्य अज्ञात स्थान पर भी जा सकते हैं। बागी विधायकों के साथ दो भाजपा विधायक भी बताए जा रहे हैं। कयास तो यहां तक लगाए जा रहे हैं कि बागी विधायकों की उत्तराखंड भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात भी हुई है।
बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने बजट पारित होने के दौरान मौजूद नहीं रहने पर कांग्रेस के छह विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया है। अध्यक्ष के इस फैसले के खिलाफ इन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर लिया है। अगले सप्ताह बागियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस के साथ भाजपा की भी नजर है। सूत्रों ने बताया कि दोनों दलों ने विकल्प को लेकर अपनी योजनाएं तैयार रखी हैं। विधायकों को अयोग्य घोषित करने के फैसले पर रोक लगने या विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर मोहर लगने के बाद किस प्रकार से आगामी कदम उठाए जाएंगे, इसकाे लेकर भाजपा और कांग्रेस ने भी रणनीति तैयार कर ली है।