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Himachal: सालों बाद दाड़लाघाट बाजार में सन्नाटा, बरमाणा प्लांट के बाहर सोमवार को धरना देंगे ट्रक ऑपरेटर

Sun, 18 Dec 2022 08:46 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, दाड़लाघाट (सोलन)/बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, दाड़लाघाट (सोलन)/बिलासपुर Published by: Krishan Singh Updated Sun, 18 Dec 2022 08:46 PM IST
सार

अंबुजा प्लांट में तालाबंदी के चौथे दिन रविवार को बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। इससे पहले रविवार को दाड़लाघाट में चहल-पहल रहती थी। वहीं, एसीसी के बरमाणा सीमेंट प्लांट को बंद करने के विरोध में चलाए गए आंदोलन में ट्रक ऑपरेटरों को जिला परिषद सदस्यों का साथ मिला है।

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Silence in Darlaghat market after years, truck operators will protest outside Barmana plant on Monday
दाड़लाघाट में सन्नाटा। - फोटो : संवाद

विस्तार

अंबुजा प्लांट में तालाबंदी के चौथे दिन रविवार को बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। इससे पहले रविवार को दाड़लाघाट में चहल-पहल रहती थी। इस बार बाजार बिलकुल खाली रहा। ढाबे, मेकेनिक, स्पेयर पार्ट समेत सभी दुकानें रविवार को बंद रहीं। दाड़लाघाट बाजार से लेकर करीब तीन किलोमीटर के दायरे में जगह-जगह ट्रक खड़े हैं। बीते चार दिन से इन सभी का काम 80 फीसदी तक कम हो चुका है। ज्यादातर दुकानदार घर जा चुके हैं। अब वह कंपनी खुलने के इंतजार में हैं। तभी घर से वापस लौटेंगे। इससे रविवार को मेकेनिक, स्पेयर पार्ट की दुकानों और ढाबों में भीड़ रहती थी। ज्यादातर ट्रक चालक रविवार को ट्रकों की सर्विस करवाते थे। यहां तक कि मेकेनिक से सर्विस करवाने के लिए उन्हें पहले ही बुकिंग करवानी पड़ती थी। सालों बाद शायद यह पहला रविवार था, जब बाजार बिल्कुल सूना रहा। 

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पुलिस अलर्ट, माहौल शांत 
अभी तक दाड़लाघाट में माहौल शांत है, मगर प्रशासन ने कानून व्यवस्था के मद्देनजर रखते हुए पहले ही अंबुजा प्लांट में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस की एक टुकड़ी को प्लांट और अंबुजा गेट के मुख्य द्वार पर तैनात कर दिया है। हालांकि, अभी तक ट्रक ऑपरेटर शांत हैं। वह किसी तरह का प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। अब प्रशासन के साथ एक ओर बैठक होने के इंतजार में हैं। यदि जल्द मामला नहीं सुलझता है तो जहां एक ओर ट्रक ऑपरेटर आंदोलन पर उतर सकते हैं, दूसरी ओर हजारों लोगों की रोजी रोटी पर संकट छा सकता है।
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बरमाणा प्लांट के गेट के बाहर आज धरना देंगे ट्रक ऑपरेटर
 एसीसी के बरमाणा सीमेंट प्लांट को बंद करने के विरोध में चलाए गए आंदोलन में ट्रक ऑपरेटरों को जिला परिषद सदस्यों का साथ मिला है। रविवार को जिला ट्रक ऑपरेटर परिवहन सहकारी सभा (बीडीटीएस) भवन में ट्रक ऑपरेटरों की बैठक में कई जिला परिषद सदस्य पहुंचे। उन्होंने सीमेंट प्लांट बंद करने के फैसले की निंदा की और ट्रक ऑपरेटरों के साथ खड़े रहने की बात की। बैठक में निर्णय किया गया कि सोमवार को सभी ऑपरेटर बरमाणा में एकत्रित होंगे और प्लांट के गेट पर धरना देंगे।  जिला परिषद बिलासपुर के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह ठाकुर ने कहा कि कंपनी ने नोटिस जारी कर दिया था कि 15 दिसंबर से कोई भी कर्मचारी या मजदूर काम पर न आए। इससे हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है।
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एसीसी सीमेंट प्लांट में मालिकाना हिस्सा हासिल करने और सीमेंट उत्पादन में एकाधिकार हासिल करने के बाद अदाणी समूह ने जनविरोधी और हिमाचल विरोधी फैसला लिया है। जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा, मानसिंह, शालू रणौत, शैलजा, प्रोमिला वसु, मान सिंह, बेलीराम टैगोर, रानी कोटला यूनियन के प्रधान प्रेम लाल, खारसी यूनियन के महासचिव दौलत राम ठाकुर, बरमाणा एक्स सर्विसमैन यूनियन के प्रधान जगन्नाथ सदर खंड की बीडीसी अध्यक्ष सीता देवी और भगतराम वर्मा भी मौजूद रहे। बीडीटीएस के सदस्य राकेश कुमार रॉकी, प्रदीप ठाकुर काका, सुरेश कुमार चौधरी, जय सिंह, लेखराम वर्मा, अनिल हैपी, कमल किशोर, संतोष ठाकुर, विकास भार्गव, शेर सिंह ठाकुर, गंगा सिंह ठाकुर, राजपाल ठाकुर और कुलदीप ठाकुर मौजूद रहे। 

आंदोलन में भाग नहीं लेने वाले ट्रक ऑपरेटर होंगे बर्खास्त
बीडीटीएस कार्यालय के सचिव नंद लाल ने कहा कि जो ऑपरेटर पांच दिन से चले सभा के आंदोलन में उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहे, वे सोमवार से इस आंदोलन में भाग लेना शुरू करें। अन्यथा, ऐसे ट्रक ऑपरेटर की आंदोलन में अनुपस्थिति को देखते हुए कार्रवाई के तौर पर छह महीने तक उनकी गाड़ियों को बर्खास्त किया जाएगा।

ट्रक ऑपरेटरों के समर्थन में उतरी एसीसी विस्थापित महासभा 
 एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित महासभा की बैठक रविवार को बरमाणा में हुई। इसमें ट्रक ऑपरेटरों को समर्थन देने का निर्णय किया गया। कहा गया कि आंदोलन लंबा तो महासभा काम बंद कर ट्रक ऑपरेटरों का पूरा सहयोग करेगी। एसीसी बरमाणा और अंबुजा सीमेंट प्लांट को बंद करने की निंदा की गई। बैठक की अध्यक्षता महासभा के अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने की। कहा कि दोनों प्लांट में 3,000 हजार से अधिक कर्मचारी और कामगार कार्यरत हैं। सीमेंट ढुलाई में लगे हजारों ट्रक बेकार हो गए हैं। कहा कि अदाणी समूह की ओर से यह सिलसिला इन फैक्ट्रियों के टेकओवर करने के बाद ही शुरू हो गया था। तीन से चार माह पहले ट्रक सोसायटी के साथ सीमेंट उत्पादन के डंपों पर समय पर ट्रकों को अनलोड न करने और किराया कम करने के मुद्दों पर टकराव का रास्ता तैयार किया था। ट्रक सोसायटी से जो अनुबंध हुआ, उससे भी यह मुकर गए। 


वर्तमान सरकार ने इन कंपनियों को प्रदेश में सीमेंट के दाम कम करने के निर्देश दिए थे। इसी कारण इन्होंने नाराज होकर प्लांट को बंद कर दिया। किसी भी फैक्ट्री को बंद करने से पहले फैक्ट्री एक्ट 1947 के तहत मामले को सरकार के पास ले जाना अनिवार्य है। इसकी अनुमति सरकार देगी, अन्यथा यह गैर कानूनी है। कहा कि साल 1993 में एसीसी प्रबंधन से स्वयं विस्थापितों और अन्य स्थानीय परिवारों को बैंक से फाइनेंस करवार ट्रक डलवाए। कुछ साल पहले प्रबंधन ने ही मल्टीएक्सल गाड़ियां डालने की अनुमति दी थी। यह सब बेकार खड़ी हैं। कर्मचारियों को लिखित में नोटिस न देकर उन पर नौकरी छोड़ने और ट्रकों को बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। रमेश ठाकुर, सोनू ठाकुर, बाबूराम, शिवराम, सुनील गौतम, रमेश कुमार और शेर सिंह अन्य मौजूद रहे।
 

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