शुरू हुई श्रीखंड यात्रा, इस बार ये हैं खास प्रबंध
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भोले नाथ के जयकारों के साथ ऐतिहासिक श्रीखंड यात्रा शुक्रवार से शुरू हो गई। आस्था और रोमांच से भरी इस यात्रा को निरमंड के दशनामी जूना अखाड़ा से अंबिका माता की छड़ी के साथ रवाना किया गया। पहले दिन 350 भक्तों का जत्था रवाना किया गया। एपीएमसी कुल्लू तथा लाहौल-स्पीति के अध्यक्ष यूपेंद्र कांत मिश्रा ने यात्रा का प्रशासनिक तौर पर शुभारंभ किया।
यात्रा पहली बार ट्रस्ट की देखरेख में रवाना की गई। इस अवसर पर श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष तथा एसडीएम आनी डा. चिरंजी लाल चौहान, डीएसपी आनी, मंदिर कमेटी के प्रधान पुष्पेंद्र शर्मा, ट्रस्ट के सदस्य कुलवंत कश्यप सहित उत्तर भारत सहित विभिन्न राज्यों से आए महात्मा और भोले के भक्त मौजूद रहे।
एसडीएम आनी डा. चिरंजी लाल चौहान ने बताया कि यात्रा 17 जुलाई से 31 जुलाई तक होगी। 28 जुलाई को श्रद्धालुओं का अंतिम जत्था रवाना किया जाएगा। यह 31 जुलाई को बेस कैंप लौटेगा। पहले दिन सिंहगाड में स्थापित बेस कैंप से करीब 350 यात्रियों का मेडिकल चेकअप और पंजीकरण किया गया।
श्रीखंड सेवा मंडल ने भी रवाना किया जत्था
दो दशकों से श्रीखंड यात्रा में श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे श्रीखंड सेवा मंडल रामपुर, हमीरपुर, अरसू ने शुक्रवार सुबह पांच बजे सिंहगाड से माता भीमाकाली तक छड़ी यात्रा निकाली। छड़ी यात्रा को वृंदावन से आए शक्ति जी महाराज कृष्ण कृपा धाम और पूर्व वनमंडल अधिकारी सीएम शर्मा ने कन्या पूजन के बाद रवाना किया।
यहां-यहां रहेगी लंगर की व्यवस्था
श्रीखंड सेवा मंडल की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिंहगाड, थाचडू और भीमडवार में लंगर की व्यवस्था की गई है। यात्रा के दौरान 25 जुलाई तक लंगर की व्यवस्था सेवा मंडल की ओर से की गई है।
इस बार आसान रहेगी यात्रा
पहले के मुकाबले इस बार अधिक बर्फबारी होने की वजह से श्रीखंड महादेव की 35 किलोमीटर की यात्रा आसान रहेगी। मार्ग में ग्लेशियर बीते वर्षों के मुकाबले अधिक हैं। इस कारण कई पहाड़ियों का सफर ग्लेशियर होने के कारण कम हो गया है।