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Shrikhand Mahadev Yatra: यात्रा शुरू होने से पहले ही चोरी छिपे श्रीखंड महादेव पहुंच रहे लोग
Fri, 16 Jun 2023 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर
सुभाष सेन, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू, रामपुर बुशहर
सुभाष सेन, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू, रामपुर बुशहर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 16 Jun 2023 05:00 AM IST
सार
श्रद्धालु 35 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई कर 18,570 फीट ऊंचाई पर स्थित शिवलिंग के दर्शन को पहुंचते हैं, लेकिन प्रशासनिक इंतजामों से पूर्व ही लोग यात्रा पर जाने लगे हैं।
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बर्फबारी की चादर से लिपटी श्रीखंड महादेव की चोटी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
कुल्लू के निरमंड उपमंडल स्थित श्रीखंड महादेव की यात्रा शुरू होने से पहले ही लोग चोरी छिपे वहां दर्शन के लिए जा रहे हैं। मार्ग पर इस वर्ष हुई भारी बर्फबारी के कारण जगह-जगह ग्लेशियर जमे हैं। जिस कारण यात्रा करना जोखिम भरा बना हुआ है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से करवाई जाने वाली श्रीखंड महादेव की यात्रा आधिकारिक रूप से सात से 20 जुलाई तक होगी।
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उपमंडल प्रशासन ने लोगों को बिना मेडिकल, रेस्क्यू और पुख्ता बंदोबस्त के बगैर यात्रा पर न जाने की हिदायत दी है। ऐसे लोगों पर अब प्रशासन नजर बनाए रखेगा। हर वर्ष जिला प्रशासन की देखरेख में श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट की ओर से जुलाई माह में इस यात्रा का संचालन किया जाता है। इस यात्रा में प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
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श्रद्धालु 35 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई कर 18,570 फीट ऊंचाई पर स्थित शिवलिंग के दर्शन को पहुंचते हैं, लेकिन प्रशासनिक इंतजामों से पूर्व ही लोग यात्रा पर जाने लगे हैं। विकट परिस्थितियों के बावजूद लोग जान की परवाह किए बगैर यात्रा कर रहे हैं। इस वर्ष मार्ग पर अधिकाधिक बर्फबारी होने के कारण यात्रा अधिक जोखिम भरी रहेगी। यात्रा के बेस कैंप काली घाटी से लेकर श्रीखंड महादेव के शिवलिंग तक दर्जनों स्थानों पर ग्लेशियर बने हुए हैं, जिस कारण यात्रा कठिन बनी हुई है।
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प्रशासनिक तौर पर करवाई जाने वाली इस यात्रा से पूर्व प्रशासन की ओर से रास्ता तैयार किया जाता है। उधर, श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष एवं एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने कहा कि मीडिया के माध्यम से लोगों से श्रीखंड यात्रा शुरू होने से पहले यात्रा पर न जाने की अपील की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिना मेडिकल, रेस्क्यू और अन्य सुविधाओं के यात्रा पर जाना जोखिम भरा है।