इस दिन से शुरू होंगे श्रावण अष्टमी मेले, ऐसे कर सकेंगे मां चिंतपूर्णी के दर्शन
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प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में गुरुवार से श्रावण अष्टमी मेले शुरू होंगे। यह मेले नौ अगस्त तक चलेंगे। कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए मेला क्षेत्र को दस सेक्टरों में बांटा गया है। सुरक्षा की दृष्टि से एक हजार से अधिक पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात रहेंगे।
इनमें पुलिस के 350 और होमगार्ड के 700 जवान शामिल होंगे। एएसपी विनोद धीमान पुलिस मेला अधिकारी, डीएसपी अंब मनोज जंबाल उप पुलिस मेला अधिकारी और बीएमओ अंब बतौर मेला चिकित्सा अधिकारी तैनात रहेंगे। एडीसी अरिंदम चौधरी मेला अधिकारी रहेंगे।
चार क्यूआरटी दस्तों की भी तैनाती की जाएगी। श्रद्धालु पर्ची सिस्टम से माता चिंतपूर्णी के दर्शन कर पाएंगे। श्रद्धालुओं को दर्शन पर्ची दो जगह मिलेगी। एडीबी के कांप्लेक्स में नए लंगर भवन हाल के अलावा एमआरसी ग्रुप की पार्किंग में दर्शन पर्ची उपलब्ध होगी।
उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र में लगभग 130 अस्थाई शौचालय बनाए जाएंगे। पहली बार मंदिर न्यास ने मोबाइल टॉयलेट भी खरीदे हैं। जाम से निपटने को रिकवरी वैन तैनात की जाएगी।
लंगर आयोजकों को साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था रखनी होगी। प्लास्टिक और थर्मोकोल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। श्रावण मेले के दौरान प्रबंधन में सर्वश्रेष्ठ रहने वाली पंचायत को एक लाख रुपये देने की घोषणा की गई।
ढोल-नगाड़े, चिमटे बजाने पर प्रतिबंध
उपायुक्त ने बताया कि श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने को एलोपैथिक की आठ तथा आयुर्वेदिक की चार पोस्ट अलग-अलग जगह बनाई जाएंगी।
गगरेट, अंब तथा मेडिकल पोस्ट भरवाईं और चिंतपूर्णी में 108 राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा उपलब्ध रहेगी। अग्निशमन वाहन तैनात रहेंगे। श्रद्धालुओं को पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने को कदम उठाए जाएंगे।
उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए जाने वाले नारियल के अतिरिक्त ढोल-नगाड़े, लाउडस्पीकर और चिमटा आदि बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। किसी को भी डीजे चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।