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शिमला: ऑनलाइन सूट खरीदने के नाम पर महिला से 46 हजार रुपये की साइबर ठगी, 15 से 20 बार ट्रांसफर किए पैसे
Fri, 09 Oct 2026 09:17 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 09 Oct 2026 09:17 AM IST
सार
शिमला के बालूगंज क्षेत्र में सोशल मीडिया से सूट खरीदने के चक्कर में एक महिला करीब 46 हजार रुपये की साइबर ठगी का शिकार हो गई। पार्सल भेजने के बहाने ठगों ने उससे 15 से 20 बार अलग-अलग ट्रांजेक्शन करवाए, लेकिन सूट नहीं पहुंचा। ठगी का पता चलने पर महिला और उसके पति ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की, जिसके बाद बालूगंज पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
राजधानी शिमला में ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। बालूगंज क्षेत्र में रहने वाली एक महिला सोशल मीडिया पर सूट खरीदने के विज्ञापन के झांसे में आ गई। महिला को विज्ञापन में एक सूट पसंद आया, जिसके बाद उसने उसे ऑर्डर कर दिया। इसके बाद महिला के साथ ऐसी धोखाधड़ी हुई कि उसे करीब 46 हजार रुपये गंवाने पड़े।
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पार्सल भेजने के बहाने करवाए कई ट्रांजेक्शन
जानकारी के अनुसार, मामला सितंबर के आखिरी सप्ताह का है। सूट ऑर्डर करने के बाद महिला को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई कॉल आए। कॉल करने वालों ने पार्सल भेजने समेत अलग-अलग बहाने बनाकर उससे छोटी-छोटी रकम ट्रांसफर करवाई। महिला कई दिनों तक आरोपियों के झांसे में आकर पैसे भेजती रही। इस दौरान उसने करीब 15 से 20 ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 46 हजार रुपये साइबर ठगों के बताए खातों में जमा कर दिए। इसके बावजूद जब सूट नहीं पहुंचा तो उसे ठगी का संदेह हुआ।
जानकारी के अनुसार, मामला सितंबर के आखिरी सप्ताह का है। सूट ऑर्डर करने के बाद महिला को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई कॉल आए। कॉल करने वालों ने पार्सल भेजने समेत अलग-अलग बहाने बनाकर उससे छोटी-छोटी रकम ट्रांसफर करवाई। महिला कई दिनों तक आरोपियों के झांसे में आकर पैसे भेजती रही। इस दौरान उसने करीब 15 से 20 ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 46 हजार रुपये साइबर ठगों के बताए खातों में जमा कर दिए। इसके बावजूद जब सूट नहीं पहुंचा तो उसे ठगी का संदेह हुआ।
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पति को बताई बात, साइबर हेल्पलाइन 1930 पर की शिकायत
सूट नहीं मिलने पर महिला ने अपने पति को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करवाई। महिला ने साइबर क्राइम सेल शिमला के कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत भी दी। शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर क्राइम सेल ने मामले को आगामी जांच के लिए बालूगंज पुलिस स्टेशन भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सूट नहीं मिलने पर महिला ने अपने पति को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करवाई। महिला ने साइबर क्राइम सेल शिमला के कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत भी दी। शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर क्राइम सेल ने मामले को आगामी जांच के लिए बालूगंज पुलिस स्टेशन भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बालूगंज पुलिस कर रही मामले की जांच
एएसपी शिमला गौरवजीत सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम सेल से यह मामला जांच के लिए प्राप्त हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर मिलने वाले आकर्षक और कम कीमत वाले ऑफर्स के प्रति सतर्क रहने की अपील की है।
एएसपी शिमला गौरवजीत सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम सेल से यह मामला जांच के लिए प्राप्त हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर मिलने वाले आकर्षक और कम कीमत वाले ऑफर्स के प्रति सतर्क रहने की अपील की है।
साइबर ठगी से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां
- अज्ञात कस्टमर केयर नंबर से बचें: गूगल या सोशल मीडिया पर मिले अनजान नंबरों के बजाय संबंधित ऐप या वेबसाइट के आधिकारिक हेल्प सेक्शन का इस्तेमाल करें।
- क्यूआर कोड और पेमेंट लिंक से सावधान रहें: पैसे प्राप्त करने या रिफंड लेने के लिए किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर क्यूआर कोड स्कैन न करें और न ही यूपीआई पिन डालें।
- अत्यधिक छूट वाले ऑफर्स की जांच करें: बाजार मूल्य से बहुत कम कीमत पर ब्रांडेड सामान बेचने वाले अनजान सोशल मीडिया पेजों की विश्वसनीयता जांचें।
- वेबसाइट का यूआरएल जांचें: खरीदारी से पहले वेबसाइट के पते और स्पेलिंग को ध्यान से देखें।
- ओटीपी और यूपीआई पिन साझा न करें: बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
- कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनें: नए या कम परिचित ऑनलाइन स्टोर से खरीदारी करते समय उपलब्ध होने पर कैश ऑन डिलीवरी को प्राथमिकता दें।