फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal: 1.90 lakh zero-balance Jan Dhan accounts under scrutiny; cognizance taken of Amar Ujala report.

हिमाचल: जांच की जद में 1.90 लाख जीरो बैलेंस जनधन खाते, अमर उजाला की खबर पर लिया संज्ञान

Fri, 09 Oct 2026 06:15 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 09 Oct 2026 06:15 AM IST
सार

अमर उजाला में प्रदेश के 18.84 लाख जनधन खातों में से 1.90 लाख खातों के खाली पड़े होने का मुद्दा प्रमुखता से प्रकाशित होने पर वित्त विभाग ने इसका संज्ञान लिया है। वित्त सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति से इस बाबत विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

विज्ञापन
Himachal: 1.90 lakh zero-balance Jan Dhan accounts under scrutiny; cognizance taken of Amar Ujala report.
जनधन योजना पर उठे सवाल। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत बड़ी संख्या में जीरो बैलेंस खातों का मामला उजागर होने के बाद सरकार हरकत में आ गई है। अमर उजाला में प्रदेश के 18.84 लाख जनधन खातों में से 1.90 लाख खातों के खाली पड़े होने का मुद्दा प्रमुखता से प्रकाशित होने पर वित्त विभाग ने इसका संज्ञान लिया है। वित्त सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति से इस बाबत विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में मौजूद जीरो बैलेंस, इनऑपरेटिव और संभावित डुप्लीकेट खातों की पहचान कर उनकी जांच की जाए।

विज्ञापन


लंबे समय से निष्क्रिय पड़े खातों को बंद करने और खाताधारकों को सक्रिय बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के लिए भी बैंकों को कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। वित्त विभाग का मानना है कि जनधन योजना का उद्देश्य केवल खाते खोलना नहीं, बल्कि लोगों को बैंकिंग व्यवस्था, डिजिटल भुगतान और सरकारी योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) से जोड़ना था। ऐसे में बड़ी संख्या में खाली पड़े खाते योजना की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अमर उजाला ने खबर के माध्यम से बताया था कि प्रदेश में खुले 18,84,707 जनधन खातों में 1,90,912 खाते पूरी तरह जीरो बैलेंस हैं।
विज्ञापन


निजी और स्मॉल फाइनेंस बैंकों में बड़ी संख्या में खाते केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। कई बैंकों में 40 से 75 फीसदी तक जनधन खाते खाली हैं। इसके बाद वित्त विभाग ने पूरे मामले की समीक्षा शुरू की है। वित्त विभाग ने बैंकर्स समिति से कहा है कि यह पता लगाया जाए कि इतने बड़े पैमाने पर खाते जीरो बैलेंस क्यों हैं। स्पष्ट किया जाए कि खाताधारकों को नियमित लेनदेन, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और डीबीटी जैसी सेवाओं से जोड़ने के लिए क्या प्रयास किए गए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed