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Shimla News: महानाटी के साथ अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव का आगाज
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शिमला में अंतर्राष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव के पहले दिन मालरोड पर आयोजित महानाटी में भाग लेती महिलाएं
मालरोड पर एकसाथ थिरकीं 250 महिलाएं, महानाटी देखने के लिए उमड़ी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में महानाटी के साथ अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव 2025 का रविवार को आगाज हुआ। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से मालरोड पर रिपोर्टिंग रूम के सामने महानाटी डाली गई। इसमें 150 महिलाएं एकसाथ थिरकती नजर आईं। महानाटी देखने के लिए सैंकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी।
महानाटी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की थीम पर डाली गई। इसमें शिमला शहरी के चक्कर, संजौली, न्यू शिमला सर्किल और शिमला ग्रामीण के सांगटी, शोघी और टुटू सर्किल की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान रेष्टा सदरी और सिर पर ढाठू पहनकर नाटी डालकर महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया। महिलाओं ने छोटी छतरियां भी हाथ में पकड़ रखी थीं। नाटी की विशेषता यह है कि हमेशा माला में डाली जाती है। माला की गोलाई की तरह गोल-गोल घूमकर नाटी डाली जाती है। पर्यटक भी महिलाओं के साथ कदम से कदम मिलाने पर विवश हो गए। पर्यटकों ने इस ऐतिहासिक पल को अपने कैमरों में कैद किया। इस दौरान हिमाचल प्रदेश पुलिस ब्रास बैंड के जवानों ने भी अपनी मधुर धुनों से लोगों का मनोरंजन किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ममता पॉल ने कहा शिमला ग्रीष्मोत्सव के दौरान पांच दिन तक महिलाएं महानाटी डालेंगीं।
इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा ने कहा कि ग्रीष्मोत्सव में महानाटी का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर जिला दंडाधिकारी प्रोटोकोल ज्योति राणा भी मौजूद रहीं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में महानाटी के साथ अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव 2025 का रविवार को आगाज हुआ। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से मालरोड पर रिपोर्टिंग रूम के सामने महानाटी डाली गई। इसमें 150 महिलाएं एकसाथ थिरकती नजर आईं। महानाटी देखने के लिए सैंकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी।
महानाटी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की थीम पर डाली गई। इसमें शिमला शहरी के चक्कर, संजौली, न्यू शिमला सर्किल और शिमला ग्रामीण के सांगटी, शोघी और टुटू सर्किल की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान रेष्टा सदरी और सिर पर ढाठू पहनकर नाटी डालकर महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया। महिलाओं ने छोटी छतरियां भी हाथ में पकड़ रखी थीं। नाटी की विशेषता यह है कि हमेशा माला में डाली जाती है। माला की गोलाई की तरह गोल-गोल घूमकर नाटी डाली जाती है। पर्यटक भी महिलाओं के साथ कदम से कदम मिलाने पर विवश हो गए। पर्यटकों ने इस ऐतिहासिक पल को अपने कैमरों में कैद किया। इस दौरान हिमाचल प्रदेश पुलिस ब्रास बैंड के जवानों ने भी अपनी मधुर धुनों से लोगों का मनोरंजन किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ममता पॉल ने कहा शिमला ग्रीष्मोत्सव के दौरान पांच दिन तक महिलाएं महानाटी डालेंगीं।
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इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा ने कहा कि ग्रीष्मोत्सव में महानाटी का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर जिला दंडाधिकारी प्रोटोकोल ज्योति राणा भी मौजूद रहीं।
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