नेता ने झाड़ा रौब, पुलिस ने खाया खौफ
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शिमला की स्मार्ट पुलिस पर नेताओं का रौब भारी पड़ रहा है। शनिवार को ऐसा ही वाक्या आईजीएमसी रोड पर देखने को मिला। प्रतिबंधित सड़क पर खड़ी गाड़ियों को क्लैंप किया जा रहा था। पुलिस किसी को नहीं बख्श रही थी।
एक मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट पर बड़े अक्षरों में पुलिस लिखा हुआ था, उसे भी क्लैंप कर दिया गया। इसी क्रम में जितनी गाड़ियां मिलीं, उन सबको क्लैंप किया गया।
इसी बीच शिमला शहर के एक कांग्रेस नेता की गाड़ी भी क्लैंप हुई। ट्रैफिक पुलिस का यह दुस्साहस नेताजी को नागवार गुजरा और उन्होंने तुरंत फोन घनघनाए।
पुलिस आनन- फानन में मौके पर पहुंची और गाड़ी के टायर में लगाए गए क्लैंप को हटाया। ट्रैफिक पुलिस की इस दोहरी नीति पर आम जनता सवाल उठाने लगी है।
गाड़ी चलाने के लिए खुलवाना पड़ेगा क्लैंप
ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार से शहर में नो पार्किंग जोन में खड़ी होने वाली गाड़ियों के चालान के बाद उन्हें क्लैंप करने का अभियान शुरू किया। यह पहली दफा है जब चालकों पर इस तरह से शिकंजा कसा गया।
पुलिस प्रशासन ने दावा किया था कि अब चालक वहां से चाहकर भी अपनी गाड़ी नहीं ले जा सकता। क्लैंप की चाबी पुलिस के पास रहेगी और क्लैंप के ताले को खुलवाने के लिए चालक को ट्रैफिक कार्यालय आना ही पड़ेगा, लेकिन शनिवार को मामला विपरीत था। नेता की गाड़ी का क्लैंप खोलने के लिए पुलिस को खुद मौके पर आना पड़ा।
डीएसपी ट्रैफिक दिनेश शर्मा ने कहा कि संभव है कि जब गाड़ी को क्लैंप किया जा रहा हो, उसी वक्त वहां चालक आ गया हो और क्लैंप हटा दिया गया हो। पुलिस सभी की गाड़ियों को क्लैंप कर रही है। इसमें पुलिस की गाड़ियां भी शामिल हैं।