{"_id":"6ad8f444a873191bea08be11","slug":"shimla-notices-issued-to-two-lecturers-from-kangra-for-using-unauthorized-guides-for-teaching-2026-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिमला: अनाधिकृत गाइड से पढ़ाई कराने पर कांगड़ा के दो प्रवक्ताओं को नोटिस, जानें पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिमला: अनाधिकृत गाइड से पढ़ाई कराने पर कांगड़ा के दो प्रवक्ताओं को नोटिस, जानें पूरा मामला
Wed, 21 Oct 2026 10:50 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 21 Oct 2026 10:50 PM IST
सार
सरकारी स्कूलों में निर्धारित पाठ्यपुस्तकों के बजाय अनधिकृत गाइड और व्यावसायिक पुस्तकों से पढ़ाई कराने के मामले में स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सख्ती दिखाई है।
विज्ञापन
हिमाचल स्कूल शिक्षा निदेशालय।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में निर्धारित पाठ्यपुस्तकों के बजाय अनधिकृत गाइड और व्यावसायिक पुस्तकों से पढ़ाई कराने के मामले में स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सख्ती दिखाई है। कांगड़ा जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लाहला में औचक निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों को निर्धारित पाठ्यपुस्तकों के स्थान पर अनधिकृत हेल्पिंग बुक और कमर्शियल गाइड से पढ़ाते पाए गए राजनीतिक विज्ञान और इतिहास के प्रवक्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निदेशालय ने दोनों प्रवक्ताओं को 28 अक्तूबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
स्कूल शिक्षा निदेशक की ओर से बुधवार को जारी नोटिस के अनुसार 17 अक्तूबर 2026 को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया। निदेशालय ने इसे विभाग की ओर से जारी निर्देशों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित प्रवक्ताओं से जवाब तलब किया है। नोटिस में कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान शिक्षक विद्यार्थियों को निर्धारित पाठ्यपुस्तकों के बजाय अनधिकृत हेल्पिंग बुक और व्यावसायिक गाइड से पढ़ाते हुए पाए गए। विभाग ने इस संबंध में 18 और 20 अगस्त 2025 को जारी निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि ऐसी पुस्तकों का इस्तेमाल शैक्षणिक नीतियों और निर्धारित शिक्षण मानकों के विपरीत है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तिथि 28 अक्तूबर को उपस्थित नहीं होने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित प्रवक्ता को अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है।
विज्ञापन