प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी अहम खबर, जरूर पढ़े
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राजधानी शिमला में कई सालों से नगर निगम को प्रापर्टी टैक्स नहीं चुकाने वाले डिफाल्टरों से वसूली के लिए अब नगर निगम उनके घरद्वार जाएगा। एक लाख रुपये से अधिक का बकाया चुकाने वालों के घर पर निगम की कर शाखा के कर्मचारी दस्तक देंगे।
इस कार्य के लिए कर शाखा को गाड़ी भी दे दी गई है। राजधानी के करीब 50 भवन मालिक नगर निगम को प्रापर्टी टैक्स नहीं चुका रहे हैं। इन लोगों के खिलाफ नगर निगम के सहायक आयुक्त कोर्ट में मामले भी दर्ज हैं।
अगर उपभोक्ताओं ने प्रापर्टी टैक्स नहीं चुकाया तो नगर निगम प्रापर्टी को जब्त कर लेगा। हाईकोर्ट के आदेशानुसार नगर निगम डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। इनकी संपत्ति कुर्क हो सकती है।
1997 से नहीं हो रही टैक्स की वसूली
साल 1997 से नगर निगम को बड़ी संख्या में भवन मालिक प्रापर्टी टैक्स की अदायगी नहीं कर रहे हैं। निगम प्रशासन का कहना है नोटिस जारी करने के बावजूद कुछ लोग ढुलमुल का रवैया अपना रहे हैं। जबकि कुछ लोगों ने नोटिस के बाद टैक्स चुकता भी कर दिया है।
डिफाल्टरों के राजस्व रिकार्ड की रेड़ एंट्री की जाएगी। रेड़ एंट्री में कोई भी डिफाल्टर संपत्ति की खरीद-फरोख्त नहीं कर सकेगा। बैंक की ओर से इस व्यक्ति को लोन नहीं दिया जाएगा। डिफाल्टर लोगों की संपत्ति कुर्की की जाएगी।
नगर निगम के सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक के कोर्ट में वीरवार को प्रापर्टी टैक्स नहीं चुकाने वाले 35 लोगों के मामलों की सुनवाई हुई। वीरवार को सुनवाई में सिर्फ दस ही लोग आए।
कोर्ट पहुंचे लोगों ने अपना बकाया प्रापर्टी टैक्स चुका दिया है। कोर्ट में नहीं आने वाले 25 लोगों को नगर निगम नोटिस जारी करेगा।