शिमला मोनो रेल प्रोजेक्ट में इस देश की दिलचस्पी, सीएम से की मुलाकात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जयराम सरकार राजधानी शिमला में मोनो रेल चलाने के लिए चीन की सरकारी कंपनी ने दिलचस्पी दिखाई है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलकर शिमला शहर की परिवहन सुविधा में सुधार के उपाय सुझाए। कंपनी के प्रतिनिधियों ने यहां मोनो रेल चलाने के अलावा रोपवे, एस्केलेटर और अन्य व्यवस्थाओं के लिए भी कई सुझाव दिए।
अहमदाबाद में भी यह कंपनी मोनो रेल प्रोजेक्ट पर काम कर चुकी है। चीन की सरकारी कंपनी चाइना रेलवे कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड (सीआरसीसी) ने वीरवार को शिमला शहर के लिए वैकल्पिक स्मार्ट परिवहन व्यवस्था प्रदान करने के संबंध में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष प्रेजेंटेशन दी।
कारपोरेशन की परामर्शक यूएसए मूल के आरटीसी और स्विट्जरलैंड की कास्टर कंसल्टेशन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने सीएम को अपनी प्रेजेंटेशन दी। इस दौरान शहर के लिए मोनो रेल, रोपवे, लिफ्ट और स्वचालित सीढ़ी जैसी स्मार्ट परिवहन सुविधा प्रदान करने के संबंध में चर्चा की गई।
सर्वे कराने के बाद होगा फैसला
सीआरसीसी चीन सरकार का रेलवे और अन्य कार्यों से संबंधित निर्माण कार्य देखने वाला निगम है। यह अफ्रीका और एशिया में कई जगहों में भी काम कर रहा है। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा, परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर, प्रधान सचिव परिवहन जेसी शर्मा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विनय सिंह और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
शिमला में पहले ये निगम मोनो रेल और अन्य वैकल्पिक रास्तों के लिए सर्वेक्षण करेगा। उसी के बाद यह तय होगा कि काम इसी कंपनी देना है या नहीं। पहले भी ठियोग-हाटकोटी सड़क का काम चीनी कंपनी को देकर राज्य सरकार गच्चा खा चुकी है। सड़क का काम अधूरा छोड़कर वह कंपनी यहां से चली गई थी।