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शिमला हादसा: 12 फीट लंबी चिता पर छह शवों का एक साथ संस्कार, पूनम को कंधा भी नसीब नहीं हुआ

Mon, 24 Sep 2018 11:58 AM IST
राजेश हंसरेटा, अमर उजाला, रोहड़ू
राजेश हंसरेटा, अमर उजाला, रोहड़ू Updated Mon, 24 Sep 2018 11:58 AM IST
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Shimla jubbal accident 13 died cremation in village dhara

शिमला की जुब्बल तहसील के हाटकोटी-त्यूणी मार्ग पर स्नैल के समीप मुंगरा में शनिवार को टेंपो ट्रैक्स हादसे में मरने वालों का अंतिम संस्कार किया गया। मृतकों में नंडला गांव के एक ही परिवार के छह लोग थे, जिनका 12 फीट लंबी चिता पर एक साथ संस्कार हुआ। एक साथ छह लाशें जलता देख हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।

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शनिवार रात को सभी शव मथरेट नदी के किनारे तंबू लगाकर रखे थे।

शिमला: 13 की मौत, एक ही परिवार के पांच लोगों ने गंवाई जान, हर तरफ चीख पुकार

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ग्रामीणों ने रात भर जागकर नदी किनारे शवों की रखवाली की। सुबह ग्रामीणों ने बारिश के बीच लकड़ियां जमाकर छह शवों का अंतिम संस्कार किया। अपने पिता मातवर सिंह, माता बसंती व भाई मनीष के शव एकसाथ देखकर मुकेश (22) की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। स्कूल में पढ़ रहे प्रिया, गुड़िया व गोलू के सिर पर से भी पिता अत्तर सिंह और माता मुन्नी देवी का साया उठ गया है। अब इन बच्चोें की पढ़ाई और अन्य खर्च कौन उठाएगा, यह भी बच्चों को चिंता है।

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पूनम की अर्थी को मायके वालों का कंधा भी नसीब नहीं हुआ

Shimla jubbal accident 13 died cremation in village dhara

नंडला से ब्याह कर धारा गांव लाई पूनम की बदनसीबी तो देखो। अंतिम समय में पूनम की अर्थी को मायके वालों का कंधा भी नसीब नहीं हुआ। हादसे के बाद पूनम के मायके में एक छोटा भाई ही बचा है। छोटे भाई मुकेश ने अपने माता, पिता और भाई की चिता को तो अग्नि दी, लेकिन अपनी बड़ी बहन की अर्थी को कंधा नहीं दे सका।

परिवार की इस तबाही के मंजर को देखकर क्षेत्र में हर एक व्यक्ति की आंखें नम थीं। सड़क हादसे में मारे गए धारा गांव के पांच लोगों की चिताएं रविवार को एक साथ जलाई र्गईं। प्रेम सिंह, पत्नी पूनम और उनकी छह साल की बेटी रिधिमा का एक अंतिम संस्कार हुआ। वहीं चाची बंदी देवी और चचेरे भाई नेहर सिंह की चिताएं भी साथ ही जलाई गईं।

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