शिमला के ट्रैफिक पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
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राजधानी शिमला में लचर ट्रैफिक व्यवस्था पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए सरकार और नगर निगम से 27 दिन के भीतर ट्रैफिक प्लान मांगा है।
इस मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी। पंथाघाटी के धर्मपाल ठाकुर की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक चौहान की खंडपीठ ने सरकार से लोक सुरक्षा एवं सुविधा अधिनियम 2007 (शिमला रोड यूजर एक्ट) के कार्यान्वयन पर स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।
खंडपीठ ने कहा कि प्रशासन शपथपत्र दायर करे कि इन मार्गों के एंट्री प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं नहीं। रोड परमिट के बगैर गाड़ियों की आवाजाही रोकने के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
अवैध पार्किंग को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? खंडपीठ ने कहा कि मुख्य सचिव, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और नगर निगम आयुक्त 27 दिन के भीतर जवाब दे।
इसके अतिरिक्त अदालत ने निर्देश दिए हैं कि शिमला, अन्य जिला मुख्यालयों और पर्यटक स्थलों पर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के लिए दीर्घकालीन योजनाएं बनाई जाएं।