शिमला हाट बाजार: संजाैली युवाओं की पसंदीदा मार्केट, कपड़े-जूतों के हैं मशहूर शोरूम, जानें यहां की खासियत
20 साल पहले तक चंद दुकानों वाला संजौली अब लोअर बाजार के बाद राजधानी की सबसे बड़ी मार्किट बन गया है। यह युवाओं का सबसे पसंदीदा बाजार है। इसलिए यहां अब युवाओं से जुड़े सामान की ही सबसे ज्यादा दुकानें हैं। मालरोड के बाद नामी कंपनियों के कपड़े-जूतों के सबसे ज्यादा शोरूम भी इसी बाजार में हैं। यही कारण है कि बाजार का आकार साल दर साल बढ़ रहा है...
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संजौली बाजार राजधानी का सबसे तेज बढ़ता बाजार बन गया है। पुलिस चौकी से लेकर ढली टनल तक फैले इस बाजार में अब 300 से ज्यादा दुकानें खुल चुकी हैं। खास बात यह है कि कई नामी कंपनियां शहर के लोअर बाजार की बजाय संजौली बाजार में कपड़े-जूतों के शोरूम खोल रही हैं। यह युवाओं की सबसे पसंदीदा मार्केट बनकर उभरा है। इसका कारण इस क्षेत्र में दो बड़े कॉलेज संजौली और सेंट बीड्स हैं। इसके अलावा नामी स्कूल और कोचिंग संस्थान भी इस क्षेत्र में हैं। युवाओं की आवाजाही ज्यादा होने से यहां कपड़े, जूते, कॉस्मेटिक्स, खेल आदि की कई बड़ी दुकानें हैं।
संजौली आठ वार्डों का केंद्रबिंदु है। यह शहर का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला क्षेत्र भी है। महज 20 से 25 सालों के भीतर संजौली में बड़ा बाजार बनने के पीछे अपर शिमला भी एक बड़ा फैक्टर है। ऊपरी शिमला के ज्यादातर लोग संजौली, ढली क्षेत्र में ही बस चुके हैं। सेब उत्पादक क्षेत्रों के इन लोगों की आर्थिकी मजबूत है। सुबह-शाम बाजार में वाहनों की नो होने से लोगों को घूमने और खरीदारी करने का अच्छा समय मिल जाता है। यही कारण है कि शाम को इस बाजार में सबसे ज्यादा चहल-पहल रहती है। कुफरी, नारकंडा, नालदेहरा घूमने के लिए सैलानी वाया संजौली ही रवाना होते हैं। इसके चलते भी कारोबार बढ़ा है।
खासियत: संजौली में है सबसे मशहूर फूड स्ट्रीट
संजौली बाजार में दशकों पुरानी कई दुकानें हैं। चौक पर मिठाई से लेकर कई पुराने मशहूर ढाबे हैं। नई फूड स्ट्रीट के लिए भी संजौली मशहूर हो रहा है। संजौली चौकी के पास पप्पी द ढाबा देशभर में मशहूर है। बॉलीवुड अभिनेत्री प्रिटी जिंटा को भी यहां के परांठे पसंद है। मीना बाजार की चाय चूरी के लिए भी रोज शाम लोगों की लाइनें लगती हैं। बाजार में ढींगू माता मंदिर सड़क के पास दूसरी फूड स्ट्रीट बन रही है। यहां युवाओं के लिए फास्ट फूड की कई दुकानें हैं।
समस्या: खुली हैं नालियां, नशे का बढ़ता कारोबार
संजौली बाजार में सड़क किनारे की ज्यादातर नालियां खुली हैं। बाजार में फुटपाथ न बनने से लोग आए दिन इनमें गिरकर घायल होते हैं। जगह-जगह तारों का जंजाल लटक रहा है। नशे के बढ़ते मामलों के लिए भी संजौली चर्चा में है। एक महीने के भीतर यहां दो युवाओं की नशे की ओवरडोज से मौत हो चुकी है। रोजाना शाम को नो एंट्री के दौरान अचानक बाजार में अवैध तहबाजारी बढ़ जाते हैं। फुटपाथ पर सज रही तहबाजारियों की दुकानें भी पैदल चलने वाले लोगों के लिए परेशानी बन रही हैं।
चंद सालों में ही बढ़ गया बाजार
संजौली में चंद सालों में ही बाजार का आकार बढ़ गया है। लगातार नई दुकानें खुल रही हैं। पहले इतनी दुकानें नहीं थीं। अब हर तरह का सामान यहां उपलब्ध है। बाजार में फुटपाथ न होने से परेशानी भी है।-केवल कृष्ण सहगल, मिठाई कारोबारी

संजौली मार्किट में मिलता है सारा सामान
यूथ और अपर शिमला की ज्यादा आबादी से संजौली बाजार में कारोबार बढ़ा है। यह अब पूरी मार्किट है। लोगों को खरीदारी के लिए लोअर बाजार नहीं जाना पड़ता। संजौली में ही सारा सामान मिल जाता है। पार्किंग सुविधा भी इस बाजार में है। नो एंट्री में लोग खूब खरीदारी करते हैं।-तनुजा चौधरी, संचालक पीएल पैलेस एवं पूर्व पार्षद
ब्रिटिश शासनकाल में बसे संजौली बाजार का पिछले 20 साल में नक्शा ही बदल गया है। कारोबार बढ़ा है लेकिन दुकानों के आगे बैठ रहे तहबाजारी और तारों के जंजाल बड़ी परेशानी हैं। निगम को तहबाजारियों पर लगाम लगानी चाहिए। नशे के बढ़ते मामले सबसे बड़ी चिंता है।-रवि कुमार, कारोबारी
कई वार्डाें का केंद्र है संजौली
संजौली कई वार्डाें का केंद्रबिंदु है। आसपास के लोग इसी बाजार में खरीदारी करने के लिए आते हैं। इसलिए यहां हर तरह के सामान की दुकानें खुल चुकी हैं। यूथ मार्केट बढ़ रही है। देर शाम तक अब इस बाजार में चहल-पहल रहती है।
-प्रदीप चौधरी, कारोबारी
संजौली की फूड स्ट्रीट सबसे मशहूर
संजौली की फूड स्ट्रीट शिमला में सबसे मशहूर है। शाम को इनमें लोगों खासकर युवाओं का जमावड़ा रहता है। संजौली बाजार का आकार लगातार बढ़ रहा है। दुकानों की बढ़ती संख्या से संजौली शिमला की सबसे बड़ी मार्किट बन रहा है।
-मोहित बग्गा, संचालक चाय चूरी