ब्रह्मपुखर से शिमला तक फोरलेन में आने-जाने को बनेंगी अलग सड़कें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच हजार करोड़ की लागत वाले महत्वाकांक्षी शिमला-धर्मशाला फोरलेन का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सकता है। धर्मशाला से ब्रह्मपुखर तक एक साथ फोरलेन बनेगा, जिसकी चौड़ाई 45 मीटर होगी। ब्रह्मपुखर से शिमला तक आने-जाने के लिए अलग सड़कें होंगी। दोनों सड़कें आस-पास बनेंगी, जो दो-दो लेन की होंगी। पहाड़ों की ज्यादा कटिंग न हो और पर्यावरण को नुकसान से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है।
फोरलेन पांच चरणों में बनाया जाएगा। सबसे पहले पांचवें चरण धर्मशाला से ज्वालामुखी तक का टेंडर 27 जुलाई को खुलेगा। एनएचएआई ने दावा किया है कि चार अन्य चरणों के टेंडर भी तीन से चार माह के भीतर कर दिए जाएंगे। परियोजना निदेशक वाईए राउत ने इसकी पुष्टि की है।
केंद्र में फिर से मोदी सरकार बनते ही एनएचएआई ने इस फोरलेन को प्राथमिकता में डाल दिया है। हालांकि, पहले इसे कम प्राथमिकता में रखा था। एनएचएआई ने इन अफवाहों को भी खारिज किया है कि इस फोरलेन की चौड़ाई कम होगी।
यह मार्ग निर्धारित नियमों में ही बनेगा। इस फोरलेन को आधुनिक तकनीक से बनाया जाएगा, जिससे पहाड़ी सड़क होने के बाद भी मैदानों में चलने वाले वाहनों जैसी रफ्तार होगी। शिमला से धर्मशाला तक फोरलेन तैयार होने पर 8 घंटे का सफर 4 घंटे में तय किया जा सकेगा।
हर चरण पर खर्च होंगे 1000 करोड़
5000 करोड़ की लागत से बनने वाले इस फोरलेन को 5 चरणों में बांटा गया है। इसके तहत शिमला से भराड़ीघाट, भराड़ीघाट से घुमारवीं, घुमारवीं से हमीरपुर, हमीरपुर से ज्वालामुखी और पांचवां और अंतिम चरण ज्वालामुखी से धर्मशाला तक रखा गया है। प्रत्येक चरण के फोरलेन पर 1000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है।