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बस गिरते ही प्रकाश की गोद गिरा बच्चा, बच गई जान
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सरकाघाट से शिमला लौट रहे एचआरटीसी के चालक प्रकाश चंद बस में सवार एक छोटे बच्चे के लिए देवदूत बन गए। शिमला-मंडी हाईवे पर बुधवार दोपहर बाद जब बस हादसा हुआ तो प्रकाश बस की अंतिम सीट के पास बैठे थे। बस खाई की तरफ गिरी और एक बच्चा झटके से उनकी गोद में आ गिरा। इन्होंने बच्चे को अपनी बाजूओं में मजबूती से पकड़ लिया और बच्चे की जान बच गई।
आईजीएमसी में इलाज के बाद प्रकाश चंद ने संवाददाता से बातचीत करते हुए यह बात कही। बताया कि अचानक एक जोरदार टक्कर हुई और पता ही नहीं चला कि कब बस सड़क से बाहर हो गई। इस टक्कर में बस में सामने की तरफ बैठा एक छोटा बच्चा छिटककर उनकी गोद में आ गिरा।
अचानक बच्चा जब उनके बाजू में फंसा तो उसे उन्हाेंने कसकर पकड़ लिया। होश जब तक रहा बच्चा उन्होंने पकड़कर रखा। अब अस्पताल में बच्चे के बारे में पूछा तो बताया कि बस में सवार सभी बच्चे सुरक्षित हैं। सिर्फ हल्की चोटें लगी हैं। कहा कि इस तरह का हादसा किसी के साथ न हो। सरकाघाट के रहने वाले प्रकाश चंद पेशे से एचआरटीसी बस ड्राइवर है।
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आजकल शिमला में तैनात हैं। बुधवार को वह घुमारहवीं से बस में बैठे थे। शिमला के हीरानगर में सामने से आ रहे बस में टक्कर हो गई और बस में सवार सभी यात्रियों को चोटें आई। बच्चे के मामा गौरव शर्मा ने बताया कि उनके भांजे की एचआरटीसी कर्मी की वजह से जान बच गई, इसके लिए वह सदा उनके आभारी रहेंगे।
घायलों का इलाज मुफ्त होगा : भारद्वाज
शिमला। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज बुधवार को दोपहर बाद आईजीएमसी पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने बस हादसे के घायलों का कुशलक्षेम पूछा। मंत्री ने बताया कि हादसे में घायल सभी मरीजों का इलाज मुफ्त होगा। बताया कि एक घायल मरीज बस के नीचे दबा है, उसके लिए कट्टर आदि भिजवाकर उसे भी बाहर निकलवा दिया था।
सरकार की ओर से अस्पताल प्रबंधन को आदेश दिए हैं कि सभी मरीजों को बेहतर उपचार दिया जाए। इसके अलावा जिन घायलों के तीमारदार मौके पर नहीं हैं, उनके लिए भी व्यवस्था की जाए। देर शाम सात बजे के करीब परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर आईजीएमसी पहुंचे। यहां पर इमरजेंसी में दाखिल मरीजों का उन्होंने कुशलक्षेम जाना। इसके बाद वह लौट गए।
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शिमला। सरकाघाट से शिमला लौट रहे एचआरटीसी के चालक प्रकाश चंद बस में सवार एक छोटे बच्चे के लिए देवदूत बन गए। शिमला-मंडी हाईवे पर बुधवार दोपहर बाद जब बस हादसा हुआ तो प्रकाश बस की अंतिम सीट के पास बैठे थे। बस खाई की तरफ गिरी और एक बच्चा झटके से उनकी गोद में आ गिरा। इन्होंने बच्चे को अपनी बाजूओं में मजबूती से पकड़ लिया और बच्चे की जान बच गई।
आईजीएमसी में इलाज के बाद प्रकाश चंद ने संवाददाता से बातचीत करते हुए यह बात कही। बताया कि अचानक एक जोरदार टक्कर हुई और पता ही नहीं चला कि कब बस सड़क से बाहर हो गई। इस टक्कर में बस में सामने की तरफ बैठा एक छोटा बच्चा छिटककर उनकी गोद में आ गिरा।
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अचानक बच्चा जब उनके बाजू में फंसा तो उसे उन्हाेंने कसकर पकड़ लिया। होश जब तक रहा बच्चा उन्होंने पकड़कर रखा। अब अस्पताल में बच्चे के बारे में पूछा तो बताया कि बस में सवार सभी बच्चे सुरक्षित हैं। सिर्फ हल्की चोटें लगी हैं। कहा कि इस तरह का हादसा किसी के साथ न हो। सरकाघाट के रहने वाले प्रकाश चंद पेशे से एचआरटीसी बस ड्राइवर है।
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आजकल शिमला में तैनात हैं। बुधवार को वह घुमारहवीं से बस में बैठे थे। शिमला के हीरानगर में सामने से आ रहे बस में टक्कर हो गई और बस में सवार सभी यात्रियों को चोटें आई। बच्चे के मामा गौरव शर्मा ने बताया कि उनके भांजे की एचआरटीसी कर्मी की वजह से जान बच गई, इसके लिए वह सदा उनके आभारी रहेंगे।
घायलों का इलाज मुफ्त होगा : भारद्वाज
शिमला। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज बुधवार को दोपहर बाद आईजीएमसी पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने बस हादसे के घायलों का कुशलक्षेम पूछा। मंत्री ने बताया कि हादसे में घायल सभी मरीजों का इलाज मुफ्त होगा। बताया कि एक घायल मरीज बस के नीचे दबा है, उसके लिए कट्टर आदि भिजवाकर उसे भी बाहर निकलवा दिया था।
सरकार की ओर से अस्पताल प्रबंधन को आदेश दिए हैं कि सभी मरीजों को बेहतर उपचार दिया जाए। इसके अलावा जिन घायलों के तीमारदार मौके पर नहीं हैं, उनके लिए भी व्यवस्था की जाए। देर शाम सात बजे के करीब परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर आईजीएमसी पहुंचे। यहां पर इमरजेंसी में दाखिल मरीजों का उन्होंने कुशलक्षेम जाना। इसके बाद वह लौट गए।