शिमला: दिल्ली से 16 लाख रुपये की साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार, चिट्टा के दोषी को आठ माह की सजा
पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज 16 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में वांछित आरोपी को दिल्ली के भजनपुरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।
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साइबर धोखाधड़ी के मामलों में शिमला पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज 16 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में वांछित आरोपी को दिल्ली के भजनपुरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान अमान अली पुत्र शमशाद अली, निवासी यमुना विहार दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार इस संबंध में पुलिस थाना सदर शिमला में बीएनएस के तहत 5 दिसंबर 2025 को मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार 11 से 14 अक्तूबर 2025 के बीच शिकायतकर्ता के एसबीआई खाते से धोखाधड़ीपूर्वक कुल 16 लाख रुपये निकाल लिए गए थे।
मामले की जांच के दौरान आरोपी अमान अली की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस टीम ने तकनीकी एवं अन्य जांच के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने 19 अगस्त 2026 को दिल्ली के भजनपुरा क्षेत्र से आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर शिमला लाया गया। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद 22 अगस्त 2026 तक पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
चिट्टा के दोषी को आठ माह की सजा
मादक पदार्थों के खिलाफ शिमला पुलिस की कार्रवाई के बीच एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आठ माह के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार, 21 अगस्त 2026 को माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2, शिमला की अदालत ने 10 जनवरी 2020 पुलिस थाना बालूगंज में दर्ज धारा 21 एनडीपीएस एक्ट के मामले में आरोपी उदित ठाकुर(22) निवासी जिला शिमला को दोषसिद्ध किया। मामले में आरोपी के कब्जे से कुल 5 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद किया गया था।
पुलिस ने जांच के दौरान साक्ष्यों को वैज्ञानिक एवं प्रभावी तरीके से एकत्रित कर अभियोजन पक्ष के समक्ष प्रस्तुत किया। उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 8 माह के कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। शिमला पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। पुलिस द्वारा मामलों में गुणवत्तापूर्ण जांच और मजबूत अभियोजन के माध्यम से आरोपियों को न्यायालय से सजा दिलाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।